section 16
कार्य परिषद् की पदावधि
The Rashtriya Vidhi Sansthan Vishwavidyalaya Adhiniyam, 1997(1) जहां कोई व्यक्ति उसके द्वारा धारित पद या नियुक्ति के कारण कार्य परिषद् का सदस्य हो जाता है वहां उसकी सदस्यता तब समाप्त हो जाएगी जबकि उसका ऐसा पद धारण करना या उसकी ऐसी नियुक्ति समाप्त हो जाए। (2) कार्य परिषद् का कोई सदस्य उस दशा में सदस्य नहीं रह जाएगा यदि वह पद त्याग देता है या विकृति-चित्त या दिवालिया हो जाता है या वह नैतिक अधमता अंतर्वलित करने वाले किसी दाण्डिक अपराध के लिए सिद्धदोष ठहरा दिया जाता है या यदि निदेशक या संकाय के किसी सदस्य से भिन्न कोई सदस्य संस्थान में पूर्णकालिक नियुक्ति स्वीकार कर लेता है या यदि वह कार्य परिषद् के लगातार तीन सम्मिलनों में कार्य परिषद् के सभापति की अनुमति के बिना अनुपस्थित रहता है या संस्थान के हितों के विरुद्ध कार्य करता है। (3) जब तक कि कार्य परिषद् के सदस्य के रूप में उनकी सदस्यता उपधारा (1) या (2) में यथा उपबन्धित किए गए अनुसार पूर्व में ही समाप्त नहीं हो जाती है, कार्य परिषद् के सदस्य उस तारीख से, जिसको कि वे कार्य परिषद् के सदस्य हो जाते हैं, तीन वर्ष समाप्त हो जाने पर अपनी सदस्यता त्याग देंगे किन्तु वे यथास्थिति पुनर्नामनिर्देशन या पुनर्नियुक्ति के लिए पात्र होंगे। (4) कार्य परिषद् के पदेन सदस्य से भिन्न कार्य परिषद का कोई सदस्य कार्य परिषद के अध्यक्ष को संबोधित पत्र द्वारा अपना पद त्याग सकेगा ओर ऐसा त्याग-पत्र, जैसे ही कार्य परिषद् के अध्यक्ष द्वारा उसे स्वीकार कर लिया जाता है, प्रभावी हो जाएगा। (5) कार्य परिषद में कोई रिक्ति उसे भरने के लिये हकदार संबंधित प्राधिकारी द्वारा किसी व्यक्ति की यथास्थिति नियुक्ति या नामनिर्देशन द्वारा भरी जाएगी और जिस पद में रिक्ति हुई है उस पद की कालावधि समाप्त हो जाने पर ऐसी नियुक्ति या नामनिर्देशन प्रभावी नहीं रह जाएगा।
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