section 31
विनियम
The Rashtriya Vidhi Sansthan Vishwavidyalaya Adhiniyam, 1997(1) इस अधिनियम के उपबंधों के अध्यधीन रहते हुए कार्य परिषद को उसमें विनिहित की गई अन्य समस्त शक्तियों के अतिरिक्त, संस्थान के कार्यकलापों के प्रशासन तथा प्रबंध के लिये उपबंध करने हेतु विनियम बनाने की शक्ति भी होगी: परन्तु कार्य परिषद ऐसा कोई विनियम जो संस्थान के किसी प्राधिकारी की हैसियत, शक्तियों या उसके गठन को प्रभावित करता है तब तक नही बनाएगी जब तक कि ऐसे प्राधिकारी को प्रस्तावित तब्दीलियों पर लिखित में राय अभिव्यक्त करने का एक अवसर नही दे दिया गया है और इस प्रकार अभिव्यक्ति की गई किसी राय पर कार्य परिषद द्वारा विचार किया जाएगा. परन्तु यह और भी कि कार्य परिषद निम्नलिखित समस्त या किन्हीं विषयों पर प्रभाव डालने वाला कोई विनियम विद्या परिषद की पूर्व सहमति के बिना नही बनाएगी, और न ही उसे संशोधित या निरस्त करेगी, अर्थात:- (एक) विद्या परिषद का गठन, उसकी शक्तियां तथा कर्तव्य; (दो) संस्थान के संबंध में अध्यापन पाठ्यक्रम तथा विद्या संबंधी कायक्रमों को आयोजित करने के लिये जिम्मेदार प्राधिकारी; (तीन) उपाधियों, उपाधिपत्रों, प्रमाणपत्रों और विद्या संबंधी अन्य विशिष्टताओं का प्रत्याहरण; (चार) संकायों, विभागों, छात्र निवासों तथा संस्थाओं की स्थापना और उनका समाप्त किया जाना; (पांच) अध्ययतावृत्तियां, छात्रवृत्तियां, अध्ययनवृत्तियां, छात्र-सहायता वृत्तियां पदक, और पारितोषिक संस्थित करना; (छह) परीक्षकों की नियुक्ति की शर्तें तथा ढंग या परीक्षाओं या अन्य अध्ययन पाठ्यक्रमों का संचालन या उसके मानक; (सात) छात्रों के नामांकन या प्रवेश का ढंग; (आठ) अन्य परीक्षाओं को संस्थान की परीक्षाओं के समतुल्य मान्यता प्रदान करना. (2) विद्या परिषद को यह शक्ति होगी कि वह उपधारा (1) के खण्ड (एक) से (आठ) तक में विनिर्दिष्ट समस्त मामलों पर और उससे संसक्त या अनुषांगिक मामलों पर विनियम प्रस्तावित करे; (3) जहां विद्या परिषद द्वारा प्रस्तावित किसी विनियम का प्रारूप कार्य परिषद ने नामंजूर कर दिया है वहां विद्या परिषद कुलाध्यक्ष को अपील कर सकेगी और कुलाध्यक्ष, आदेश द्वारा यह निदेश दे सकेगा कि प्रस्तावित विनियम, साधारण परिषद के आगामी सम्मिलन के समक्ष अनुमोदन के लिए रखा जाए और साधारण परिषद के ऐसे अनुमोदन के लंबित रहने तक वह विनियम ऐसी तारीख जो ऐसे आदेश में विनिर्दिष्ट की जाए प्रभावी होगा: परन्तु ऐसे विनियम को यदि साधारण परिषद के ऐसे सम्मिलन में अनुमोदित नहीं किया जाता है तो वह प्रभावी नहीं रह जाएगा. (4) कार्य परिषद द्वारा बनाए गए समस्त विनियम साधारण परिषद के समक्ष उसके आगामी सम्मिलन में प्रस्तुत किए जाएंगे और साधारण परिषद को यह शक्ति होगी कि वह कार्य परिषद द्वारा बनाए गए किसी विनियम को संशोधित या रद कर दे: परन्तु ऐसे विनियम, जहां तक कि वे धारा 33 में प्रगणित किए गए अनुसार भविष्य निधि, उपदान तथा पेंशन से संबंधित है, साधारण परिषद द्वारा अनुमोदन के पश्चात ही प्रवृत्त होंगे.
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