section 43
रिक्तियों के कारण प्राधिकारियों या निकायों की कार्यवाहियां अविधिमान्य नही होंगी
The Rashtriya Vidhi Sansthan Vishwavidyalaya Adhiniyam, 1997(1) इस बात के होते हुए भी साधारण परिषद्, कार्य परिषद्, विद्या परिषद् या संस्थान के किसी अन्य प्राधिकारी या निकाय का गठन सम्यक रूप से नहीं हुआ है या किसी भी समय इसके गठन या पुनर्गठन में कोई त्रुटि है और इस बात के होते हुए भी कि संस्थान के किसी प्राधिकारी, समिति या निकाय का कोई कार्य या कार्रवाई केवल इस कारण अविधिमान्य नही होगी कि- (क) उसके गठन में कोई रिक्ति या त्रुटि है; या (ख) उसके सदस्य के रूप में कार्य कर रहे किसी व्यक्ति के निर्वाचन, नामनिर्देशन या नियुक्ति में कोई त्रुटि है; या (ग) उसकी प्रक्रिया में काई ऐसी अनियमितता है जो मामले के गुणागुण पर प्रभाव नही डालती है। (2) संस्थान के किसी प्राधिकारी या निकाय का कोई संकल्प इस कारण अविधिमान्य नही समझा जाएगा कि उसके किसी सदस्य पर सूचना की तामील में कोई अनियमितता हुई है बशर्ते ऐसे प्राधिकारी या निकाय की कार्यवाहियां ऐसी अनियमितता के कारण प्रतिकूलतः प्रभावित नही हुई हों।
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