section 8
Restriction on employment after ceasing to hold office by Chairperson and Members
The Uttarakhand Lokayukta Act, 2013Part I PRELIMINARY
(1) अध्यक्ष और प्रत्येक सदस्य, पद पर न रहने के पश्चात्;- (एक) लोकायुक्त अध्यक्ष या सदस्य के रूप में पुनर्युक्ति के लिए पात्र नहीं होगा; (दो) किसी राजनयिक कर्तव्यभार, किसी संघ राज्यक्षेत्र के प्रशासक के रूप में नियुक्ति और ऐसे अन्य कर्तव्यभार या नियुक्ति के लिए, जो राष्ट्रपति द्वारा अपने हस्ताक्षर और मुद्रा से अधिपत्र द्वारा किए जाने के लिए विधि द्वारा अपेक्षित है, पात्र नहीं होगा; (तीन) भारत सरकार या किसी राज्य सरकार के अधीन लाभ के किसी अन्य नियोजन के लिए पात्र नहीं होगा; (चार) पद त्याग करने की तारीख से 5 वर्ष की अवधि के भीतर राष्ट्रपति या उप राष्ट्रपति या संसद के किसी भी सदन के सदस्य या राज्य विधान-मंडल के किसी भी सदन या नगरपालिका या पंचायत के सदस्य का कोई निर्वाचन लड़ने के लिए पात्र नहीं होगा। (2) उपधारा (1) में किसी बात के होते हुए भी कोई सदस्य अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किए जाने के लिए पात्र होगा, यदि सदस्य और अध्यक्ष के रूप में उसकी कुल पदावधि 5 वर्ष से अधिक नहीं है। स्पष्टीकरण— इस धारा के प्रायोजनों के लिए यह स्पष्ट किया जाता है कि जहां सदस्य को अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया जाता है, वहां उसकी पदावधि सदस्य और अध्यक्ष के रूप में कुल मिलाकर 5 वर्ष से अधिक की नहीं होगी।
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