section 26
तलाशी और अभिग्रहण
The Uttarakhand Lokayukta Act, 2013Chapter VIII POWERS OF LOKAYUKTA
(1) यदि लोकायुक्त के पास यह विश्वास करने का कारण है कि ऐसा कोई दस्तावेज, जो उसकी राय में, इस अधिनियम के अधीन किसी प्रारंभिक जांच के लिए उपयोगी या उससे सुसंगत होगा, किसी स्थान में छिपाया गया है तो ऐसे किसी अभिकरण को जिसे अन्वेषण का कार्य सौंपा गया है, ऐसे दस्तावेजों की तलाशी लेने और उनका अभिग्रहण करने के लिए प्राधिकृत कर सकेगा। (2) यदि लोकायुक्त का यह समाधान हो जाता है कि उपधारा (1) के अधीन अभिग्रहीत किसी दस्तावेज को इस अधिनियम के अधीन किसी अन्वेषण के प्रयोजन के लिए साक्ष्य के रूप में प्रयोग किया जा सकता है और यह कि ऐसे दस्तावेज को उसकी अभिरक्षा में या ऐसे अधिकारी की अभिरक्षा में, जो प्राधिकृत किया जाए प्रतिधारित करना आवश्यक होगा तो वह ऐसा अन्वेषण पूरा हो जाने तक ऐसे दस्तावेज को उस प्रकार प्रतिधारित करेगा या ऐसे प्राधिकृत अधिकारी को, उन्हें प्रतिधारित करने का निदेश दे सकेगा। परन्तु यह कि जहां किसी दस्तावेज को वापस करना अपेक्षित है, वहां लोकायुक्त या प्राधिकृत अधिकारी ऐसे दस्तावेज की सम्यक, रूप से अधिप्रमाणित प्रतियों को प्रतिधारित करने के पश्चात उसे वापस कर सकेगा।
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