section 10
आनुषंगिक व्यय
Uttarakhand Rajya Vidhan Sabha Act, 2008प्रत्येक सदस्य को, ऐसे सदस्य के रूप में, अपने कर्तव्यों या कृत्यों के सम्बन्ध में अपनी उपस्थिति के लिए, ऐसी दरों पर और ऐसी शर्तों तथा निर्बन्धनों के अधीन रहते हुए, जैसी विहित की जाय, निम्नलिखित दशाओं में आनुषंगिक व्यय देय होगा, अर्थात् - (क) यथास्थिति, सभा के प्रत्येक सत्र में या उसकी किसी समिति के किसी उपवेशन में उपस्थिति होने के लिए किसी कलेण्डर मास में अधिक से अधिक दो बार, केवल उपवेशन के स्थान पर आने के लिए और अपने निवास स्थान को वापस जाने के लिए की गयी यात्रा के लिए; परन्तु यह कि यदि कोई सदस्य एक ही कलेण्डर मास में दो या अधिक समितियों के उपवेशन में भाग लेता है तो इस खण्ड के अधीन आनुषंगिक व्यय, किसी भी दशा में, ऐसे मास में चार से अधिक बार देय होंग (ख) अध्यक्ष द्वारा बुलाई गई किसी बैठक में उपस्थित होने के लिये, बैठक के स्थान पर आने के लिये और अपने निवास स्थान को वापस जाने के लिये की गयी यात्रा के लिये; (ग) समिति के ऐसे कार्य के संबंध में, जो समिति की बैठक से भिन्न हो, किसी समिति के सभापति के रूप में, उसके द्वारा किसी कलेण्डर मास में अधिक से अधिक दो बार देहरादून आने के लिये और अपने निवास स्थान को वापस जाने के लिये की गयी यात्राओं के लिये; (घ) संवैधानिक अध्ययन या किसी सेमिनार या पाठ्यक्रम के संबंध में लोक सभा के अध्यक्ष द्वारा या राज्य सभा के सभापति या किसी अन्य राज्य की विधान सभा के अध्यक्ष या उसके प्राधिकार से या भारतीय संसदीय अध्ययन संस्थान के द्वारा बुलाई गयी या किसी अन्य प्रकार से आयोजित किसी बैठक में उपस्थित होने के लिये की गयी यात्राओं के लिये; परन्तु ऐसा सदस्य धारा 2 के खण्ड (ख) में यथा परिभाषित अध्यक्ष द्वारा ऐसी बैठक में उपस्थित होने के लिये नाम-निर्दिष्ट किया गया हो; परन्तु यह और कि ऐसी किसी बैठक में भाग लेने के लिये पाँच से अधिक सदस्य नाम निर्दिष्ट नही किये जायेंगे और कोई ऐसा नाम-निर्देशन एक वर्ष में दो बार से अधिक के लिये नहीं किया जायेगा।
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