section 29
विनियम बनाने की शक्ति
The Chhattisgarh Gramodyog Adhiniyam, 1978General197840 sections
Statutory text
- (1) बोर्ड इस अधिनियम के अधीन अपने कृत्यों का निर्वहन करने हेतु स्वयं को समर्थ बनाने के लिए ऐसे विनियम बना सकेगा जो इस अधिनियम तथा उससे अधीन बनाये गये नियमों से असंगत न हों। (2) पूर्वगामी शक्ति की व्यापकता पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, ऐसे विनियमों में निम्नलिखित समस्त विषयों के लिए या उनमें से किसी भी विषय के लिए उपबन्ध हो सकेंगे, अर्थात् :— (क) बोर्ड द्वारा नियुक्त की गई समितियों के सम्मेलनों में अनुसरण की जाने वाली प्रक्रिया तथा सदस्यों की वह संख्या जिसमें किसी सम्मिलन में गणपूर्ति होगी, (ख) वे भत्ते जो बोर्ड तथा समिति के सदस्यों को बोर्ड या समिति का कार्य करने हेतु दिये जायेंगे, (ग) बोर्ड के अधिकारियों (जो कि राज्य सरकार द्वारा नियुक्त किये गये अधिकारियों से भिन्न हों) तथा अन्य कर्मचारियों के वेतन तथा भत्ते और छुट्टी एवं अन्य सेवा शर्तें, (घ) बोर्ड के लेखाओं को बनाये रखना, (ङ) बोर्ड तथा उसकी विभिन्न समितियों के रजिस्टरों तथा अन्य अभिलेखों को बनाये रखना, (च) वे व्यक्ति जिनके द्वारा तथा वह रीति जिसमें बोर्ड की ओर से सदस्य निक्षेप तथा विनिविधान किये जा सकेंगे। (3) बोर्ड द्वारा बनाया गया कोई भी विनियम तब तक प्रभावी नहीं होगा, जब तक कि वह राज्य सरकार द्वारा अनुमोदित न कर दिया गया हो तथा राजपत्र में प्रकाशित न कर दिया गया हो, और राज्य सरकार किसी विनियम को अनुमोदित करते समय उसमें कोई ऐसी तब्दीली, जो कि राज्य सरकार किसी विनियम को अनुमोदित करते समय कोई ऐसी तब्दीली, जो कि राज्य सरकार को आवश्यक प्रतीत हो, कर सकेगी। (4) राज्य सरकार, अधिसूचना द्वारा, किसी भी विनियम को, जिसे उसने अनुमोदित किया हो, रद्द कर सकेगी और तदुपरि वह विनियम प्रभावहीन हो जायगा।
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