section 8
Constitution of Gram Panchayat
The H.P. Panchayati Raj Act, 1994-(Hindi version(1) ग्राम सभा के लिए, एक पंचायत होगी और प्रत्येक ग्राम सभा, विहित रीति में अपने सदस्यों में से, सभा के प्रधान और उप-प्रधान का निर्वाचन करेगी जो ग्राम पंचायत के प्रधान और उप-प्रधान भी कहलाएंगे और अपने सदस्यों में से ही एक कार्यकारिणी समिति भी निर्वाचित करेगी जो ग्राम पंचायत कहलाएगी, जिसका गठन प्रधान और उप-प्रधान सहित व्यक्तियों की ऐसी संख्या से होगा, जो सात से कम और पंद्रह से अधिक नहीं होगी, जैसी कि सरकार अधिसूचना द्वारा अवधारित करे: परन्तु प्रत्येक ग्राम सभा के लिए प्रधान और उप-प्रधान को अपवर्जित करके, सदस्यों की संख्या का अवधारण निम्नलिखित मापदंड के अनुसार किया जाएगा: (क) 1750 से अनधिक जनसंख्या के लिए – पांच (ख) 1750 से अधिक किंतु 2750 से अनधिक जनसंख्या के लिए – सात (ग) 2750 से अधिक किंतु 3750 से अनधिक जनसंख्या के लिए – नौ (घ) 3750 से अधिक किंतु 4750 से अनधिक जनसंख्या के लिए – ग्यारह (ड.) 4750 से अधिक जनसंख्या के लिए – तेरह: परन्तु यह और कि प्रधान और उप-प्रधान को अपवर्जित करके पंचायत के सदस्यों की संख्या का अवधारण ऐसी रीति से किया जाएगा कि ग्राम सभा की जनसंख्या और ऐसी पंचायत में निर्वाचन द्वारा भरे जाने वाले स्थानों की संख्या के बीच अनुपात जहां तक व्यावहारिक हो, सारे सभा क्षेत्र में एक जैसा ही हो: परन्तु यह और भी कि ग्राम सभा क्षेत्र के भाग या पूर्ण का प्रतिनिधित्व करने वाला पंचायत समिति का सदस्य, संबद्ध ग्राम पंचायत (रियों) का भी सदस्य होगा और उसे मत देने का अधिकार होगा। (2) ग्राम पंचायत में निम्नलिखित के लिए स्थान आरक्षित किए जाएंगे: (क) अनुसूचित जाति; और (ख) अनुसूचित जनजाति; और इस प्रकार आरक्षित स्थानों की संख्या का, ग्राम पंचायत के कुल स्थानों की संख्या से अनुपात, यथाशक्य निकटतम, वही होगा जो सभा क्षेत्र में अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति की जनसंख्या का, सभा क्षेत्र की कुल जनसंख्या से है: परन्तु जहां ग्राम पंचायत के सदस्य के रूप में निर्वाचित किए जाने के लिए, अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति से संबंधित कोई पात्र अभ्यर्थी नहीं है, तो वहां अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति के लिए कोई भी स्थान (सीट) आरक्षित नहीं किया जाएगा। (3) उप-धारा (2) के अधीन आरक्षित स्थानों की कुल संख्या के आधे, यथास्थिति, अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति से संबंधित महिलाओं के लिए आरक्षित किए जाएंगे। (3क) प्रत्येक ग्राम पंचायत में सीधे निर्वाचन द्वारा भरे जाने वाले स्थानों की कुल संख्या के आधे (जिसके अंतर्गत अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति से संबंधित महिलाओं के लिए आरक्षित सीटों की संख्या है) महिलाओं के लिए आरक्षित किए जाएंगे। (4) राज्य सरकार, सामान्य या विशेष आदेश द्वारा ग्राम पंचायत में पिछड़े वर्ग से संबंधित व्यक्तियों के लिए स्थानों की इतनी संख्या आरक्षित कर सकेगी, जिसका ग्राम पंचायत में सीधे निर्वाचन द्वारा भरे जाने वाले कुल स्थानों की संख्या से अनुपात, उस ग्राम सभा में पिछड़े वर्ग से संबंधित व्यक्तियों की जनसंख्या का उस क्षेत्र की कुल जनसंख्या से अनुपात से अधिक न हो, और इस उप-धारा के अधीन आरक्षित कुल स्थानों के आधे स्थान पिछड़े वर्ग से संबंधित महिलाओं के लिए भी आरक्षित कर सकेगी। (5) उप-धारा (2), (3), (3क) और (4) के अधीन आरक्षित स्थानों का सभा क्षेत्र के भिन्न-भिन्न निर्वाचन क्षेत्रों में आबंटन, चक्रानुक्रम से ऐसी रीति में किया जाएगा जो विहित की जाए। (6) यदि किसी कारण से किसी ग्राम पंचायत के निर्वाचन में उप-धारा (1) में यथा विनिर्दिष्ट संख्या में अपेक्षित व्यक्तियों का निर्वाचन नहीं होता है, तो उपायुक्त, उस तारीख से जिसको निर्वाचित सदस्यों के नाम उस द्वारा धारा 126 के अधीन प्रकाशित किए जाते हैं, एक माह के भीतर कमी को पूरा करने के लिए दूसरे निर्वाचन की व्यवस्था करेगा।
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