section 11A
Registration of Animals and maintenance of records thereof
The H.P. Panchayati Raj Act, 1994-(Hindi version(1) प्रत्येक परिवार का मुखिया, हिमाचल प्रदेश पंचायती राज (संशोधन) अधिनियम, 2006 के प्रारंभ से एक माह की अवधि के भीतर और तत्पश्चात समय समय पर, किसी भी कारण से पशुओं की संख्या में कभी कोई परिवर्तन होता है, उसके परिवार के स्वामित्वधीन पशु का विवरण या तो मौखिक रूप में या लिखित रूप में संबंधित ग्राम पंचायत के प्रधान या पंचायत सचिव को देने के लिए या दिलवाने के लिए उत्तरदायी होगा। (2) उप-धारा (1) के अधीन पशुओं के ब्यौरों की प्राप्ति पर, ग्राम पंचायत पशुओं को रजिस्ट्रीकृत करेगी और उसके अभिलेख ऐसे प्रारूप में रखेगी, जैसा राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित किया जाए: परन्तु ग्राम पंचायत ऐसी दर पर रजिस्ट्रीकरण फीस प्रभारित कर सकेगी जैसी ग्राम पंचायत द्वारा नियत की जाए। (3) ग्राम पंचायत का यह कर्तव्य होगा कि वह प्रत्येक पशु पर समुचित पहचान चिह्न लगाने के लिए पशु पालन विभाग द्वारा रखे गए कर्मचारियों या व्यक्तियों की सहायता करे और पहचान के अभिलेख को बनाए रखे। (4) प्रत्येक ग्राम पंचायत का यह कर्तव्य होगा कि वह उसकी अधिकारिता के भीतर भटकते (आवारा) पशुओं की पहचान कराने में पशुपालन विभाग के कर्मचारियों या प्रतिनिधियों की सहायता करे। (5) पहचान चिह्न वाला कोई पशु यदि भटकता (आवारा) पाया जाता है, तो पशु के स्वामी की पहचान ग्राम पंचायत स्वयं द्वारा बनाए रखे अभिलेख से करेगी और ऐसा स्वामी प्रथम अपराध के लिए पांच सौ रुपये और द्वितीय या पश्चातवर्ती अपराध की दशा में सात सौ रुपये के जुर्माने से दंडनीय होगा जो ग्राम पंचायत द्वारा अधिरोपित किया जाएगा। (6) यदि ग्राम पंचायत ऐसे भटकते (आवारा) पशु की, पहचान चिह्न के साथ छेड़-छाड़ या उसको विकृत करने के कारण पहचान करने में असफल रहती है तो वह ऐसे मामले की रिपोर्ट नजदीकी पशुपालन औषधालय के प्रभारी को करेगी जो भटकते (आवारा) पशु को नजदीकी गौसदन या गौशाला को सौंपेगा।
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