section 3
ननर्बन्िन आदेश करने की शक्तत
The Chhattisgarh Rajya Suraksha & Lok Vyavashtha Act, 1980(1) यदद राज्य सरकार या क्रकसी क्जला मक्जस्रेट क्रकसी व्यक्तत के सम्र्न्ि में यह समािान हो जाता है क्रक िह क्रकसी ऐसी रीनत में कायब कर रहा है या उसके ऐसी रीनत में कायब करने की सम्भािना है क्जससे राज्य की सुरिा पर या लोक व्यिस्था र्नाये रिने पर प्रनतकूल प्रभाि पड़ता है और यह क्रक इसे इस प्रकार कायब करने से रोकने के ललए जन सािारण के दहत में यह आिश्यक है क्रक इस िारा के अिीन आदेश क्रकया जाय, तो यथाक्स्थनत राज्य सरकार या क्जला मक्जस्रेट ऐसा आदेश कर सकेगा क्जसमें - - (क) यह ननदेलशन क्रकया जा सकेगा क्रक िह, उस क्स्थनत के लसिाय जहाँ तक क्रक उसे उस आदेश के उपर्न्िों द्िारा या ऐसे प्राधिकारी या व्यक्ततयों द्िारा, जो क्रक उस आदेश में विननददबष्ट क्रकये जाये, अनुज्ञात क्रकया जाय, मध्यप्रदेश के क्रकसी ऐसे िेत्र या स्थान में नहीं रहेगा क्रक उस आदेश में विननददबष्ट क्रकया जाय; (ि) उससे यह अपेिा की जा सकेगी क्रक िह मध्यप्रदेश के ऐसे स्थान में या ऐसे िेत्र के भीतर में विननददबष्ट क्रकया जाय और यदद िह पहले से ही िहीँ न हो, तो उस स्थान या िेत्र में ऐसे समय के भीतर चला जाय जो क्रक आदेश में विननददबष्ट क्रकया जाय; (ग) उससे यह अपेिा की जा सकेगी क्रक िह ऐसी रीनत में, ऐसे समयों पर तथा ऐसे प्राधिकारी या व्यक्तत को, जैसा क्रक आदेश में विननददबष्ट क्रकया जाय, अपने आने-जाने की सूचना दे या उसके समि उपक्स्थत हो या अपने आने-जाने की सूचना भी दे और उपक्स्थत भी हो ; (घ) ऐसे व्यक्ततयों से, जो क्रक उस आदेश में उक्ल्लखित क्रकये जाये, सहयुतत रहने या उनसे सम्पकब रिने के सम्र्न्ि में उन पर ऐसे ननर्बन्िन अधिरोवपत क्रकये जा सकेंगे जैसे क्रक उस आदेश में विननददबष्ट क्रकये जायें; (ङ) क्रकसी भी ऐसी िस्तु यी िस्तुओं का, जो क्रक उस आदेश में, विननददबष्ट की जायें, उसके द्िारा कब्जे में रिा जाना प्रनतवषद्ि या ननर्बक्न्ित क्रकया जा सकेगा । (2) क्रकसी भी ऐसे व्यक्तत को, जो राज्य का मामूली तौर से ननिासी हो, राज्य से अपिक्जबत क्रकये जाने या हटाये जाने का ननदेश देते हुए कोई ननर्बन्िन आदेश क्रकया जायेगा और क्जला मक्जस्रेट द्िारा क्रकये क्रकसी ऐसे आदेश में, क्रकसी व्यक्तत को उस क्जले से, क्जसमें िह पहले से ही ननिास कर रहा है, अपिक्जबत जाने या हटाये जाने का ननदेश नहीं ददया जाएगा । (3) जहाँ क्रकसी व्यक्तत के सम्र्न्ि में उपिारा (1) के िण्ड (ि) के अिीन आदेश ददया जाता िहाँ राज्य सरकार ऐसे व्यक्तत के ललए उस कालािधि के दौरान क्जसमें क्रक ननर्बिन आदेश प्रिृर्त् रहता र्ात सुवििा का प्रर्न्ि करेगी तथा उसे ऐसे भरण-पोषण भत् ते का संदाय करेगी जैसा क्रक िह उधचत समझे: परन्तु इसमें की कोई र्ात उस क्स्थनत में लागू नहीं होगी जर्क्रक ऐसा आदेश क्रकसी व्यक्तत से यह अपेिा करता है क्रक िह ऐसे नगर या स्थान में, जहाँ क्रक िह मामूली तौर से ननिास कर रहा है, ननिास करे या र्ना रहे । (4) (क) जहाँ क्रकसी क्जला मक्जस्रेट द्िारा कोई ननर्बन्िन आदेश क्रकया जाता है, िहाँ क्जला मक्जस्रेट तुरन्त, क्रकन्तु अधिक से अधिक चार ददन के भीतर, आदेश की एक प्रनत, आदेश क्रकये जाने के आिारों तथा ऐसी अन्य विलशक्ष्टयों के साथ जो क्रक उसकी राय में उस विषय से सम्र्क्न्ित हों, राज्य सरकार को भेजेगा और आदेश िण्ड (ि) तथा (ग) के उपर्न्िों के अध्यिीन रहते हुए, पन्रह ददन की कालािधि तक प्रिृर्त् रहेगा । (ि) िण्ड क के अिीन ननर्बन्िन आदेश की प्रनत प्राप्त होने पर, राज्य सरकार आदेश की पुक्ष्ट कर सकेगी, उसे उपान्तररत कर सकेगी या उसे वििक्ण्डत कर सकेगी । (ग) ऐसा कोई ननर्बन्िन आदेश, जो (एक) राज्य सरकार द्िारा क्रकया गया है; या (दो) क्जला मक्जस्रेट द्िारा क्रकया गया है तथा राज्य सरकार द्िारा िण्ड (ि) के अिीन पुक्ष्टकृत या उपान्तररत क्रकया गया है । (5) यदद कोई व्यक्तत क्रकसी ननर्बन्िन आदेश के उल्लंघन में क्रकसी िेत्र या स्थान में पाया जाता ऐझे क्रकसी आदेश की अपेिाओं के अनुसार क्रकसी िेत्र या स्थान को छोड़ने में चूक करता है, तो (6) के उपर्न्िों पर प्रनतकूल प्रभाि डाले बर्ना, उसे क्रकसी पुललस अधिकारी द्िारा ऐसे िेत्र या से हटाया जा सकेगा । (6) यदद कोई व्यक्तत क्रकसी ननर्बन्िन आदेश के उपर्न्िों का उल्लंघन करेगा तो िह कारािास से, क्जसकी अिधि तीन िषब तक की हो, सकेगी, या जुमाबने से, या दोनों से दण्डनीय होगा ।
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