section 6
परिषद् के कार्य
The Madhya Pradesh Praday avam Kray Niyaman Ganna Adhiniyam 1958६. परिषद् के कार्य — (१) परिषद् के कार्य निम्नलिखित होंगे : — (अ) परिक्षेत्र के लिये विकास कार्यक्रम पर विचार करना तथा उसे अनुमोदित करना; (आ) विकास योजना के समस्त आवश्यक अंगों जैसे गन्ने की किस्में, गन्ने का बीज, बोआई कार्यक्रम, उर्वरक तथा खाद सहित विकास योजना के निष्पादन के लिये उपाय तथा साधन निकालना; (इ) परिक्षेत्र में सिंचाई तथा अन्य कृषि संबंधी सुविधाओं के विकास का कार्य हाथ में लेना; (ई) रोगों तथा विनाशी कीटों की रोक तथा नियंत्रण के लिये आवश्यक उपाय ग्रहण करना और भूमि विस्तार (साइल एक्सटेंशन) संबंधी कार्य में समस्त संभव सहायता प्रदान करना; (उ) गन्ने के उत्पादन से संबंधित विषयों में खेतीहरों को प्रौद्योगिक (टेकनिकल) प्रशिक्षण देना; (ऊ) ऐसे प्रतिबन्धों के अधीन रहते हुए, जैसे कि नियत किये जायें, विकास योजना के निष्पादन के लिये उसके अधिकार में रखी गई निधियों का प्रबन्ध करना; और (ए) परिक्षेत्र के सामान्य विकास से संबंधित तथा उसके लिये सहायक अन्य नियत कार्यों का संपादन करना। (२) राज्य शासन किसी भी समय गन्ना आयुक्त को दो या अधिक परिषदों का संयुक्त सम्मेलन बुलाने के लिये निर्देश कर सकेगा। प्रत्येक ऐसे सम्मेलन की अध्यक्षता ऐसे व्यक्ति द्वारा की जायगी जो कि राज्य शासन द्वारा उस संबंध में नामांकित किया जाय।
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