section 25
इस अधिनियम के आशय के लिये अभिधारक का निरूपण
The Madhya Pradesh Praday avam Kray Niyaman Ganna Adhiniyam 1958२५. इस अधिनियम के आशय के लिये अभिधारक का निरूपण—(१) जब कि अभिधारक पेढ़ी (फर्म) या अन्य व्यक्ति संघ हो तो उसके किसी एक या अधिक साझेदारों या सदस्यों को, किसी भी अपराध के लिये, जिसके लिये अभिधारक दंडनीय हो, इस अधिनियम के अधीन अभियोजित तथा दंडित किया जा सकेगा :
किन्तु प्रतिबन्ध यह है कि पेढ़ी (फर्म) या संघ (एसोसियेसन) कलक्टर को यह सूचना दे सकेगा कि उसने इस अधिनियम के आशय के लिये अपने एक सदस्य को अभिधारक नामांकित कर दिया है और ऐसा व्यक्ति इस अधिनियम के आशय के लिये तब तक अभिधारक समझा जायगा जब तक कि उसका नामांकन रद्द करने वाली और सूचना कलक्टर को प्राप्त न हो जाय या जब तक कि पेढ़ी (फर्म) या संघ की उसकी साझेदारी या सदस्यता समाप्त न हो जाय।
(२) जब कि अभिधारक कम्पनी हो तो उसके किसी एक या अधिक संचालकों को, या प्रायवेट कम्पनी की दशा में उसके किसी एक या अधिक अंशधारियों को किसी भी ऐसे अपराध के लिये, जिसके लिये अभिधारक दंडनीय हो, इस अधिनियम के अधीन अभियोजित तथा दंडित किया जा सकेगा :
किन्तु प्रतिबन्ध यह है कि कम्पनी कलक्टर को यह सूचना दे सकेगी कि उसने किसी एक संचालक को, या प्रायवेट कम्पनी की दशा में किसी अंशधारी को इस अधिनियम के आशय के लिये अभिधारक नामांकित कर दिया है और ऐसा संचालक या अंशधारी इस अधिनियम के आशय के लिये तब तक अभिधारक समझा जायगा जब तक कि उसका नामांकन रद्द करने वाली और सूचना कलक्टर को प्राप्त न हो जाय या जब तक कि उसका संचालक या अंशधारी रहना समाप्त न हो जाय।
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