section 30
नियम बनाने की शक्ति
The Madhya Pradesh Praday avam Kray Niyaman Ganna Adhiniyam 1958३०. नियम बनाने की शक्ति—(१) राज्य शासन इस अधिनियम के उपबंधों को कार्यान्वित करने के आशय के लिये नियम बना सकेगा ।
(२) पूर्वगामी शक्ति की व्यापकता पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, ऐसे नियमों में निम्नलिखित विषयों के लिये उपबंध हो सकेंगे :—
(अ) परिषद् तथा परिषद् द्वारा काम-काज का संचालन;
(आ) धारा ६ की उप-धारा (२) के अधीन बुलाये गये सम्मेलनों में किया जाने वाला काम-काज;
(इ) वह रीति तथा रूप जिसमें धारा ८ के अधीन परिषद् के अधिकार में रखी गई निधि कायम रखी जायगी तथा ऐसी निधि में से होने वाला उपयोग तथा भुगतान;
(ई) गन्ना आयुक्त के कर्तव्य, शक्तियां तथा कार्य;
(उ) धारा ११ के अधीन नियुक्त किये जाने वाले निरीक्षकों की नियुक्ति तथा सेवा के अन्य प्रतिबन्धों से सम्बंधित विषय और उनके कर्तव्य, शक्तियां तथा कार्य;
(ऊ) इस अधिनियम के अधीन आवेदन-पत्रों तथा अपीलों के सम्बन्ध में दिये जाने वाले शुल्क;
(ए) कय-अभिकर्ताओं की तथा ऐसे अन्य व्यक्तियों की, जो गन्ने के क्रय के लिये क्रय-अभिकर्ताओं तथा शक्कर कारखानों द्वारा नौकर रखे जायं, नियुक्ति तथा उन्हें अनुमति-पत्र प्रदान किया जाना, उनके कार्य एवं कर्तव्य तथा उनके द्वारा जमा की जाने वाली प्रतिभूति और वे प्रतिबंध जिनके अधीन ये प्रतिभूतियां जप्त की जा सकेंगी;
(ऐ) इस अधिनियमों के उपबंधों द्वारा या उनके अधीन किये जाने वाले करार का रूप और करार के प्रतिबंधों के भंग के लिये भुगतान की जाने वाली शास्ति;
(ओ) गन्ना उत्पादक सहकारी समितियों तथा संघ की रचना, क्रियाकरण, प्रबंध, पर्यवेक्षण तथा अंकेक्षण और इस अधिनियम एवं नियमों के आशयों के लिये ऐसी समितियों या संघ की मान्यता से संबंधित प्रतिबंध और उनके कर्म-चारीवृन्द तथा वित्त का नियंत्रण;
(औ) वह दर जिससे एवं रीति जिसमें गन्ना उत्पादक सहकारी समिति को किये गये उनके द्वारा गन्ने के प्रदाय पर, कमीशन दिया जायगा;
(अं) गन्ने की ठीक तौल, तौल तथा तौल की जांच के लिये सुविधाओं की एवं तौल के मान्यों की व्यवस्था;
(अः) कारखानों को गन्ना लाने वाली गाड़ियों के लिये प्रवेश-मार्गों, ठहरने के स्थान की, बैलों तथा गाड़ीवानों के लिये सायबानों की, बैलों के लिये पानी की, नांदों की तथा अन्य सम्बंधित बातों की व्यवस्था;
(क) धारा २३ के अधीन उप-कर (सैंस) के निर्धारण एवं संग्रह के हेतु सशक्त प्राधिकारी तथा वह रीति जिसमें उप-कर संगृहीत किया जायगा;
(ख) धारा २४ के अधीन आने वाले विषयों के लिये प्रक्रिया;
(ग) उन वृतान्त-पत्रों, विवरण-पत्रों, रजिस्टर तथा अन्य फार्मों का रूप जिनका इस अधिनियम द्वारा या उसके अधीन रखा जाना आवश्यक हो और ऐसे विवरण-पत्रों, वृतान्त-पत्रों तथा रूपों का भरा जाना;
(घ) वह रूप तथा रीति, जिसमें इस अधिनियम के अधीन विभिन्न आशयों के लिये आवेदन-पत्र दिये जायेंगे;
(ङ) इस अधिनियम के अधीन क्षेत्राधिकार रखने वाले किसी भी पदाधिकारी या प्राधिकारी के कर्तव्य तथा ऐसे पदाधिकारी या प्राधिकारी द्वारा अनुसरणीय प्रक्रिया; और
(च) वे विषय, जो नियत किये जाने हों, या नियत किये जा सकें ।
(३) इस धारा के अधीन बनाये गये नियम ऐसे दिनांक से प्रभावशील होंगे, जो राज्य शासन द्वारा नियत किया जाय ।
(४) इस धारा के अधीन बनाये गये समस्त नियम, उनके बनाये जाने के पश्चात्, यथाशीघ्र विधान सभा के समक्ष रखे जायेंगे और वे ऐसे परिवर्तनों के अधीन होंगे, जैसे कि विधान सभा करे ।
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