section 19
रक्षित तथा नियत किये गये क्षेत्रों में गन्ने के क्रय तथा प्रदाय का नियमन
The Madhya Pradesh Praday avam Kray Niyaman Ganna Adhiniyam 1958१९. रक्षित तथा नियत किये गये क्षेत्रों में गन्ने के क्रय तथा प्रदाय का नियमन—(१) राज्य शासन, प्रदाय को बनाये रखने के लिये, आज्ञा द्वारा--
(अ) किसी रक्षित या नियत किये गये क्षेत्र में गन्ने के वितरण, विक्रय या क्रय का ; तथा
(आ) किसी रक्षित या नियत किये गये क्षेत्र के अतिरिक्त किसी भी अन्य क्षेत्र में गन्ने के क्रय का ;
नियमन कर सकेगा ।
(२) पूर्वगामी शक्तियों की व्यापकता पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, ऐसी आज्ञा में निम्नलिखित के लिये उपबन्ध हो सकेगा :---
(अ) गन्ने का परिमाण, जो ऐसे क्षेत्र के प्रत्येक गन्ना उत्पादक या गन्ना उत्पादक सहकारी समिति द्वारा उस कारखाने को प्रदाय किया जाना हो जिसके लिये क्षेत्र इस प्रकार रक्षित या नियत किया गया हो;
(आ) वह रीति जिसमें रक्षित क्षेत्र या नियत क्षेत्र में उपजाया गया गन्ना उस कारखाने द्वारा, जिसके लिये क्षेत्र इस प्रकार रक्षित या नियत किया गया हो, क्रय किया जायगा और वह परिस्थिति जिसमें गन्ना उत्पादक द्वारा उपजाया गया गन्ना, गन्ना उत्पादक सहकारी समिति के द्वारा ही क्रय किया जायगा, अन्यथा नहीं;
(इ) विक्रय्यर्थ प्रस्तुत किये गये गन्ने के क्रय के हेतु उस कारखाने के, जिसके लिये क्षेत्र रक्षित या नियत किया गया हो, अधिधारक द्वारा निष्पादित किये जाने वाले करार का रूप एवं निबंधन् तथा प्रतिबन्ध;
(ई) वे परिस्थितियां, जिनके अधीन--
(एक) किसी क्रय-अभिकर्ता द्वारा या उस कारखाने के अतिरिक्त जिसके लिये क्षेत्र रक्षित या नियत किया गया हो, अन्य किसी व्यक्ति द्वारा उस गन्ने के क्रय के लिये जो कि रक्षित या नियत किये गये क्षेत्र में उपजाया गया हो;
(दो) किसी अन्य व्यक्ति को या उस कारखाने के अतिरिक्त, जिसके लिये क्षेत्र रक्षित या नियत किया गया हो, अन्य किसी कारखाने को रक्षित या नियत किये गये क्षेत्र में उपजाये गये गन्ने के विक्रय के लिये;
अनुज्ञा दी जा सकेगी;
(उ) ऐसे आनुषंगिक तथा परिणामानुवर्ती विषय, जो कि इस आशय के लिये आवश्यक अथवा वांछनीय प्रतीत हों ।
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