section 23
परिनियम कैसे बनाये जाऐंगे
The Uttarakhand Residential University Act, 2016(1) प्रथम परिनियम राज्य सरकार द्वारा राजपत्र में अधिसूचना द्वारा बनाये जाऐंगे। (2) कार्य परिषद् समय&समय पर इस धाहर के विहित रीति से नये या अतिरिक्त परिनियम बना सकेगी या परिनियमों एस संशोधन या उनका निरसन कर सकेगी( परन्तु यह कि कार्य परिषद् विश्वविद्यालय के किसी विद्यमान प्राधिकारी की प्रास्थिति, शक्तियां गठन पर प्रभाव डालने वाले कोई परिनियम तब तक नहीं बनायेगी या उसमें कार्य परिषद् द्वारा उस पर कोई संशोधन नहीं करेगी जब तक कि ऐसे प्राधिकारी को उस प्रस्ताव पर अपनी राय व्यक्त करने का अवसर न दे दिया गया हो और इस प्रकार अभिव्यक्त राय लिखित रूप में होगी और कार्य परिषद् द्वारा उस पर विचार किया जायेगा( परन्तु यह और कि कार्य परिषद् छात्रों के अनुशासन और अनुदेश शिक्षा के मानकों तथा परीक्षा पर प्रभाव डालने वाला कोई परिनियम शैक्षिक परिषद् से परामर्श करने के पश्चात ही बनायेगी अन्यथा नहीं। (3) प्रत्येक नये परिनियम या परिनियमों में परिवर्धन या परिनियम में किये संशोधन या निरसन के लिए कुलाधिपति का अनुमोदन अपेक्षित होगा, जो उसमें अनुमति दे सकेगा या अनुमति रोक सकेगा या कार्य परिषद् के विचारार्थ उसे लौटा सकेगा। (4) किसी नये परिनियम या किसी विद्यमान परिनियम का संशोधन या निरसन करने वाले परिनियम की तब तक कोई वैधता नह होगी जब तक कि कुलाधिपति उस पर अनुमति न दे दे। (5) पूर्वगामी उपबंधों में किसी अन्य बात के होते हुए भी, राज्य सरकार, राज्य या राष्ट्रीय शिक्षा नीति के हित में या विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की सलाह/सस्तुतियों के आधार पर कुलाधिपति के अनुमोदन से नये या अतिरिक्त परिनियम बना सकेगी या पहले से प्रवृत परिनियमों को संशोधित या निरसित कर सकेगी।
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