section 19
प्राधिकार के कृत्य
The Jharkhand State Highway Authority Act, 2007Infrastructure200737 sections
Statutory text
- (1) इस अधिनियम के अन्तर्गत बनाये गये नियमों के अधीन रहते हुए प्राधिकार का यह कर्तव्य होगा कि वह राज्य सरकार द्वारा उसमें निहित किए गए या सौंपे गए राज्य राजमार्ग और उससे अनुलग्न अन्य विस्तार या कोई संरचना को इस ढंग से विकसित अनु रक्षित एवं प्रबंधित करेगा कि अपनी स्थापना से तीन वर्षों के अन्दर राजमार्गों के अनुरक्षण हेतु सरकारी निधि पर अधिमानतः रूप से निर्भर न रह जाय।
- (2) उप धारा
- (1) में अन्तर्विष्ट उपबंधों की व्यापकता पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना प्राधिकार अपने कृत्यों के सम्पादन के लिए-- (क) उसमें निहित या उसे सौंपे गए राजमार्गों का सर्वेक्षण, विकास अनुरक्षण और प्रबन्ध कर सकेगा और ऐसा करने के लिए प्राधिकार अन्य बातों के साथ-साथ:
- (i) उसे सौंपे गए राज्य राजमार्गों के अनुरक्षण और उन्नयन के लिए तात्कालिक और दीर्घकालीन योजनाएं तैयार करेगा;
- (ii) अनुरक्षण संक्रिया को सुव्यवस्थित करने के लिए एक वैज्ञानिक पथ निर्माण प्रबंधन प्रणाली का विकास करेगा और साथ-साथ राज्य राजमार्गों का निरूपण और निर्माण के लिए मानक निर्धारित करेगा;
- (iii) निजी और संस्थागत निधिकरण को जिसके अन्तर्गत अन्र्तराष्ट्रीय निधिकरण भी है, पथ क्षेत्र में लाने के लिए प्रतिरूप विकसित करेगा;
- (iv) राज्य राजमार्गों के अनुरक्षण के लिए गुणवत्ता वाले निजी संविदाकारों द्वारा सम्पादन पर आधारित अनुरक्षण प्रणाली की पद्धति का विकास करेगा;
- (v) इन राज्य मार्गों के अनुरक्षण और उन्नयन करने के लिए संस्थागत संसाधन जुटाएगा; एवं
- (vi) इन प्रयोजनों के लिए निजी भागीदारी और संसाधन को प्रोत्साहित करते हुए अनुमोदित योजना के अनुसार राजमार्गों का अनुरक्षण और उन्नयन करेगा; (ख) उसमें निहित या उसे सौंपे गए राजमार्गों के समुचित प्रबंध के लिए उस पर वाहनों के परिचालन का विनियमन और नियंत्रण कर सकेगा; (ग) राज्य में परामर्शदात्री और निर्माण सेवाओं को विकसित और उपलब्ध करा सकेगा और राजमार्गों के विकास, अनुरक्षण और प्रबंधन के संबंध में या उन पर किन्हीं सुविधाओं के संबंध में अनुसंधान/प्रशिक्षण गतिविधियों/मानव संसाधन विकास/राज्य स्तरीय प्रयोगशाला की स्थापना कर सकेगा; (घ) उनमें निहित या उसे सौंपे गए राजमार्गों के उपयोगकर्ताओं के लिए ऐसी सुविधाओं और प्रसुविधाओं की व्यवस्था कर सकेगा, जो प्राधिकार की राय में ऐसे राजमार्गों पर यातायात की सुविधा एवं निर्बाध परिचालन के लिए आवश्यक हों; (ङ) इस अधिनियम द्वारा उस पर अधिरोपित कृत्यों का अधिक दक्षतापूर्ण सम्पादन करने के लिए कम्पनी अधिनियम, 1956 (अधिनियम संख्या 1 सन् 1956) के अधीन एक या अधिक कम्पनियां बना सकेगा; (च) अपने कृत्यों में से किसी कृत्य को ऐसी शर्तों एवं बंधेज पर जैसा विहित किया जाय किसी व्यक्ति को सौंप सकेगा या अनुबंधित कर सकेगा; (छ) राज्य राजमार्गों से संबंधित विषयों के संबंध में राज्य सरकार को सलाह दे सकेगा; (ज) राज्य सरकार की ओर से ऐसी शर्तों एवं बंधेज पर, जैसा राज्य सरकार द्वारा विनिर्दिष्ट किया जाए, शुल्क एकत्रित कर सकेगा; (झ) ऐसे सभी कार्य कर सकेगा जो इस अधिनियम द्वारा प्राधिकार को प्रदत्त किसी शक्ति के प्रयोग या उस पर अधिरोपित किसी कृत्य के सम्पादन के लिए आवश्यक या सुविदाजनक हो या उनके आनुषंगिक हों; (ञ) कार्यालय एवं कर्मशाला का निर्माण एवं अनुरक्षण एवं सौंपे गए राजमार्गों पर या उसके निकट होटल, मोटेल, रेस्तरां एवं विश्रामालय की स्थापना एवं अनुरक्षण कर सकेगा; एवं (ट) इसके कर्मचारियों के लिए भवनों एवं टाउनशिप का निर्माण एवं अनुरक्षण कर सकेगा; (ठ) उपरोक्त उद्देश्यों की प्राप्ति हेतु लोक निजी भागीदारी को प्रोत्साहित कर सकेगा।
- (3) इस धारा में अन्तर्विष्ट किसी बात का यह अर्थ नहीं लगाया जाएगा कि वह-- (क) प्राधिकार द्वारा तत्समय प्रवृत्त किसी विधि की अवहेलना को प्राधिकृत करती है या (ख) किसी व्यक्ति को किसी ऐसे कर्तव्य या दायित्व के बाबत कोई कार्यवाही दायर करने हेतु प्राधिकृत करती है, जिसके लिए प्राधिकार या उसके अधिकारी या अन्य कर्मचारी, इस अधिनियम के अधीन अन्यथा विषय नहीं होगी।
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