section 8
परिषद् का सम्भमलन
The Chhattisgarh Ayurvigyan Parishad Adhiniyam, 1987General198732 sections
Statutory text
(1) पररषद्, प्रत्येक िषि में कम से कम र्दो र्ार ऐसे समय और स्थान पर सम्म्मलन करेगी िो अध्यि द्िारा ननयत ककया िाये । (2) िर् तक विननयम द्िारा अन्यथा उपर्म्न्धत न ककया िाए, पररषद् के पांच सर्दस्यों से म्िनमें से कम से कम एक अशासकीय सर्दस्य र्ोगा गणपूती र्ोगी और पररषद् के ककसी सम्म्मलन के समि लाये गय, समस्त प्रश्न, उपम्स्थत तथा मत र्देने िाले सर्दस्यों के र्र्ुमत से विननम्श्चत ककये िाएँगे और मतों के र्रार्र-र्रार्र र्ोने की र्दशा में, पीठासीन प्राधधकारी का द्वितीय या ननणाियक मत र्ोगा ।
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