section 22
राज्य सरकार द्वारा नियंत्रण
The Chhattisgarh Ayurvigyan Parishad Adhiniyam, 1987यहर्द ककसी भी समय राज्य सरकार को यर् प्रतीत र्ोता र्ै पररषद् ने इस अधधननयम द्िारा या उसके अधीन उसको प्रर्दत्त शम्क्तयों में से ककसी शम्क्त का प्रयोग करने में चूक की र्ै या अनतरेक ककया र्ै उसका र्दुरुपयोग ककया र्ै अथिा इस अधधननयम द्िारा या उसके अधीन उस पर अधधरोवपत कत्तिव्यों में से ककसी कत्तिव्य का पालन करने में चूक की र्ै, तो राज्य सरकार यहर्द िर् ऐसी चूक र्ै अनतरेक या र्दुरूपयोग को गंभीर प्रकृनत का समझती र्ै । उसकी विलशम्ष्टयां पररषद् को अधधसूधचत कर सकेगी, और यहर्द पररषद् ऐसे समय के भीतर िो राज्य सरकार इस ननलमत्त ननयत करें, ऐसी चूक अनतरेक या र्दुरूपयोग का उपचार करने में असफल रर्ती र्ै, तो राज्य सरकार, पररषद् को र्दो िषि की कालािधध के ललए िो राज्य सरकार द्िारा एक र्ार में एक िषि से अधधक न र्ोने िाली कालािधध के ललए र्ढ़ाई िा सकेगी । विघहटत कर सकेगी । ककन्तु विघहटत की कालािधध कुल लमलाकर पाँच िषि से अधधक नर्ीं र्ोगी, और पररषद् की समस्त शम्क्तयों और कत्तिव्यों या उनमें से ककसी शम्क्त या कतिव्य का प्रयोग और पालन व्यम्क्त द्िारा और ऐसी कालािधध के ललए म्िसे िर् ठीक समझें करिा सकेगी और नई पररषद् को अम्स्तत्ि में लाने की कायििार्ी करेगी ।
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