section 3
िाज्य आयुर्विज्ञान परिषद् का ननगमन
The Chhattisgarh Ayurvigyan Parishad Adhiniyam, 1987(1) राज्य सरकार, यथाशक्य शीघ्र, अधधसूचना द्िारा, राज्य के ललए एक आयुविज्ञान पररषद् की स्थापना ऐसी तारीख से करेगी िो अधधसूचना में विननहर्दिष्ट की िाए । (2) पररषद् मध्य प्रर्देश आयुविज्ञान पररषद् के नाम से एक ननगलमत ननकाय र्ोगी और उसका शाश्ित् उत्तराधधकार तथा सामान्य मुरा र्ोगी और उसे िंगम तथा स्थािर र्दोनों प्रकार की सम्पवत्त अम्ित और धारण करने तथा इस अधधननयम के उपर्न्धों के अध्यधीन रर्ते र्ुये, ककसी ऐसी सम्पवत्त की, िो उसके द्िारा धाररत र्ो, आन्तररत करने तथा संविर्दा करने की ओर अपने गठन के प्रयोिनों के ललये आिश्यक समस्त अन्य र्ातें करने की शम्क्त र्ोगी और िर् अपने ननगलमत नाम से िार्द चला सकेगी तथा उक्त नाम से उसके विरुद्ध िार्द चलाया िा सकेगा : परन्तु पररषर्द, राज्य सरकार की पूि अनुमनत के बर्ना, अपने द्िारा धाररत ककसी सपवत्त को विक्रय, र्ंधक पट टा के रूप में या अन्यथा अन्तररत नर्ीं करेगी या ककसी व्यम्क्त या अलभकरण से धन उधार नर्ीं लेगी ।
Study data processing for this section.
PDF: pending for this language.