section 24
शास्ति
The Chhattisgarh Ayurvigyan Parishad Adhiniyam, 1987यहर्द कोई व्यम्क्त म्िसका नाम राज्य धचककत्सक रम्िस्टर में अंककत नर्ीं र्ै रम्िस्रीकृत धचककत्सा व्यिसायी के रूप में व्यिसाय करेगा तो िर् कठोर कारािास से, म्िसकी अिधध तीन िषि तक की र्ो सकेगी और िुमािने से िो पांच र्िार रुपये तक का र्ो सकेगा र्दण्डनीय र्ोगा : परन्तु- (एक) ऐसा व्यम्क्त िो र्ैचलर इन आयुिेहर्दक विथ माडिन मेडडलसन एण्ड सिरी की उपाधध रखता र्ो और मध्य प्रर्देश आयुिेहर्दक तथा यूनानी धचककत्सा पद्धनत एिं प्राकृनतक धचककत्सा र्ोडि में रम्िस्रीकृत र्ो, विषम धचककत्सीय औषधधयों (एलोपैधथक मेडडलसन विहर्त करने या शल्य धचककत्सा व्यिसाय करने के ललये, इस धारा के अधीन र्दण्डनीय नर्ीं र्ोगा यहर्द उसका रम्िस्रीकरण प्रमाण-पत्र उसे ऐसा करने के ललये प्राधधकृत नर्ीं करता र्ै; (र्दो) ऐसा धचककत्सा व्यिसायी, िो भारतीय आयुविज्ञान पररषद् अधधननयम, 1956 (1956 का सं० 102) की धारा 27 विशेषाधधकारी का र्कर्दार र्ो, मध्य प्रर्देश में उसका रम्िस्रीकरण न र्ोने के कारण इस धारा के अधीन र्दण्डनीय नर्ीं र्ोगा ।
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