section 9
स्थापना और निगमन
The Act of Madhya Pradesh Niji Vishwavidyalaya (Sthapna evam Sanchalan) adhiniyam 2007(1) यदि धारा 8 के अधीन विनियामक आयोग द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट तथा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की निरीक्षण रिपोर्ट, यदि कोई हो, पर विचार करने के पश्चात राज्य सरकार का यह समाधान हो जाता है कि प्रायोजी निकाय ने धारा 7 के उपबंधों का पालन कर लिया है तथा उसके प्रस्ताव के आधार पर निजी विश्वविद्यालय स्थापित किया जा सकता है, तो वह अनुसूची का संशोधन करके ऐसे विशिष्ट नाम तथा विवरण सहित, जैसा कि अनुसूची में इस निमित्त विनिर्दिष्ट किया जाए, एक निजी विश्वविद्यालय स्थापित करेगी। (2) ऐसा निजी विश्वविद्यालय, अनुसूची के संशोधन की तारीख से निगमित हुआ समझा जाएगा। (3) निजी विश्वविद्यालय, अनुसूची में दर्शाए गए नाम से एक निगमित निकाय होगा जिसका इस अधिनियम के उपबंधों के अध्यधीन रहते हुए शाश्वत उत्तराधिकार होगा एवं उसकी सामान्य मुद्रा होगी, जो सम्पत्ति अर्जित कर सकेगा तथा उसका स्वामित्व होगा, करार कर सकेगा तथा उस नाम से वाद चला सकेगा तथा उस पर वाद चलाया जा सकेगा। (4) ऐसे निजी विश्वविद्यालय द्वारा या उसके विरुद्ध प्रस्तुत समस्त वाद या अन्य विधिक कार्यवाही में अभिवचन कुलसचिव द्वारा हस्ताक्षरित तथा सत्यापित किये जाएंगे और ऐसे वाद या कार्यवाहियों में समस्त आदेशिकाएं कुलसचिव को जारी की जाएंगी तथा उस पर तामील की जाएंगी। (5) निजी विश्वविद्यालय का मुख्य परिसर ऐसे स्थान पर होगा जैसा कि अनुसूची के कॉलम (5) में दर्शाया गया है।
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