section 28
प्रथम अध्यादेश
The Act of Madhya Pradesh Niji Vishwavidyalaya (Sthapna evam Sanchalan) adhiniyam 2007(१) इस अधिनियम तथा उसके अधीन बनाए गए नियमों या परिनियमों के उपबंधों के अध्यधीन रहते हुए प्रथम अध्यादेश में निम्नलिखित समस्त विषयों या उनमें से किसी भी विषय के लिए उपबंध हो सकेंगे, अर्थात् :— (क) विनिर्दिष्ट प्रवर्गों के छात्रों हेतु विशेष रूप से विचार किए जाने का स्पष्ट उल्लेख करते हुए निजी विश्वविद्यालय में छात्रों का प्रवेश और नामांकन; (ख) निजी विश्वविद्यालय की उपाधियों, उपाधि-पत्रों और प्रमाण-पत्रों के लिए विहित किए जाने वाले अध्ययन के पाठ्यक्रमों का ब्योरा; (ग) निजी विश्वविद्यालय की उपाधियां, उपाधि-पत्रों, प्रमाण-पत्रों तथा अन्य विद्या संबंधी सम्मान का प्रदान किया जाना, उनके लिये न्यूनतम अर्हताएं तथा उन्हें प्रदान करने एवं प्राप्त करने संबंधी अपनाये जाने वाले साधन; (घ) अध्ययवृत्तियों (फेलोशिप), छात्रवृत्ति, शिक्षावृत्ति, पदकों एवं पारितोषिक प्रदान करने संबंधी शर्तें; (ङ) परीक्षाओं का संचालन करना जिनमें परीक्षा निकायों, परीक्षकों एवं मॉडरेटरों की नियुक्ति की रीति तथा कर्तव्य सम्मिलित है; (च) निजी विश्वविद्यालय की उपाधियों एवं उपाधि-पत्रों के विभिन्न पाठ्यक्रमों के लिए प्रभार्य परीक्षा फीस; (छ) निजी विश्वविद्यालय के छात्रों के आवास की शर्तें; (ज) छात्रों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही संबंधी उपबंध; (झ) किसी अन्य निकाय का सृजन, संरचना तथा उसके कृत्य जो निजी विश्वविद्यालय के शैक्षणिक वातावरण में सुधार हेतु आवश्यक समझे जाएं; (ञ) अन्य विश्वविद्यालयों तथा उच्चतर शिक्षा की संस्थाओं से सहयोग एवं सहभागिता की रीति; और (ट) ऐसे अन्य समस्त विषय जिनका इस अधिनियम या उसके अधीन बनाए गए परिनियमों द्वारा, अध्यादेशों द्वारा उपबंधित किया जाना अपेक्षित हो; (२) निजी विश्वविद्यालय का प्रथम अध्यादेश, कुलपति द्वारा बनाया जाएगा तथा विनियामक आयोग को अनुमोदन हेतु प्रस्तुत किया जायेगा। (३) विनियामक आयोग, उपधारा (२) के अधीन कुलपति द्वारा प्रस्तुत प्रथम अध्यादेशों पर उसकी प्राप्ति की तारीख से दो मास के भीतर विचार करेगा तथा उसे या तो अनुमोदित करेगा या उसके उपान्तरण के लिए सुझाव देगा। (४) कुलपति, विनियामक आयोग द्वारा दिये गये सुझावों पर अपनी टिप्पणी देगा एवं प्रथम अध्यादेश आयोग को वापस करेगा तथा विनियामक आयोग या तो कुलपति की टिप्पणी को अनुमोदित करेगा या उसे अनुमोदित करेगा और उसके अंतिम विनिश्चय के आधार पर अध्यादेश, जैसा कि विनियामक आयोग द्वारा अनुमोदित किया गया है, प्रवृत्त हो जाएगा।
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