section 11
विन्यास निधि
The Act of Madhya Pradesh Niji Vishwavidyalaya (Sthapna evam Sanchalan) adhiniyam 2007(1) राज्य सरकार से, धारा 6 की उपधारा (2) में यथा उपबंधित आशय-पत्र प्राप्त होने पर, यदि कोई प्रायोजी निकाय शर्तों को पूरा करना चाहता है तथा आशय-पत्र में यथा उल्लिखित परिवचन देता है तो वह बैंककारी कंपनी (उपक्रमों का अर्जन तथा अंतरण) अधिनियम, 1970 (1970 का 5) की प्रथम अनुसूची में तत्स्थानी नये बैंक के रूप में विनिर्दिष्ट किसी बैंक में पन्द्रह दिन के भीतर शाश्वत निक्षेप के रूप में पांच करोड़ की विन्यास निधि स्थापित करेगा। (2) यह सुनिश्चित करने के लिए कि निजी विश्वविद्यालय अधिनियम, परिनियम तथा अध्यादेश के उपबंधों का पालन कर रहा है, विन्यास निधि सुरक्षा निक्षेप के रूप में प्रयुक्त होगी तथा प्रायोजी निकाय द्वारा अधिनियम, परिनियम, अध्यादेश या विनियमन के किसी भी उपबंध के उल्लंघन या भंग की दशा में, विनियामक आयोग की अनुशंसा पर राज्य सरकार विन्यास निधि को पूर्णतः या उसके किसी भाग को सूचना देने पश्चात समपहृत कर सकेगी। (3) विन्यास निधि की स्थापना के विकास के लिए विन्यास निधि से आय का उपयोग किया जा सकेगा किन्तु इसका उपयोग निजी विश्वविद्यालय के आवर्ती व्यय हेतु नहीं किया जाएगा। (4) विन्यास निधि की स्थापना का ढंग, उसके विनियमन का प्रकार, उससे प्राप्त आय का प्रायोजी निकाय को भुगतान, उसको समपहृत करने और प्रायोजी निकाय के वापस करने का ढंग ऐसा होगा जैसा कि विहित किया जाए।
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