section 7
Powers and functions of the University
The Dr. B.R.Ambedkar University of Social Sciences Act, 2015विश्वविद्यालय की निम्नलिखित शक्तियां और कृत्य होंगे, अर्थात् :- (एक) शिक्षा, गवेषणा, विस्तार एवं प्रशिक्षण के लिए विभाग/केन्द्र और ऐसी अन्य इकाईयां स्थापित करना जैसी कि इसके उद्देश्यों को पूरा करने के लिये आवश्यक हों; (दो) पहिर्वर्ती शिक्षण, विस्तार एवं प्रशिक्षण गतिविधियां, व्यक्तित्व एवं कौशल विकास, क्षमता निर्माण और उपचारी पाठ्यक्रम आयोजित करना एवं उनका जिम्मा लेना; (तीन) शिक्षण के लिए, जिसमें दूरस्थ शिक्षा में अध्ययन की ऐसी शाखाएं सम्मिलित हैं जिन्हें कि विश्वविद्यालय समय-समय पर अवधारित करे, व्यवस्था करना और गवेषणा के लिये एवं ज्ञान के उन्नयन एवं प्रसार के लिए उपबंध करना; (चार) प्रवेश के लिये परीक्षा आयोजित करना और व्यक्तियों को उपाधि-पत्र या प्रमाण-पत्र देना और उपाधियां तथा विद्या संबंधी अन्य विशिष्टाएं प्रदान करना और ऐसे किन्हीं उपाधि-पत्रों, प्रमाण-पत्रों, उपाधियों या विद्या संबंधी अन्य विशिष्टताओं का युक्तियुक्त तथा पर्याप्त कारणों से प्रत्याहरण करना; (पांच) अध्यादेश में अभिकथन रीति से सामाजिक उपाधियां या विद्या संबंधी अन्य विशिष्टताएं प्रदान करना; (छह) ऐसे अध्यापन, तकनीकी, प्रशासनिक तथा अन्य पदों का सृजन करना जो कि विश्वविद्यालय समय-समय पर, आवश्यक समझे और उन पर नियुक्तियां करना; (सात) आचार्य, सह-आचार्य, सहायक आचार्य के रूप में व्यक्तियों को नियुक्त करना या अन्यथा विश्वविद्यालय के प्राध्यापकों के रूप में मान्यता देना; (आठ) अध्येतावृत्तियां, छात्रवृत्तियां, अभिनंदन तथा पुरस्कार संस्थित करना तथा प्रदान करना; (नौ) डॉ. बी. आर. अम्बेडकर और बौद्ध धर्म की विचारधारा, विचार, दर्शन तथा सिद्धांतों पर लेखन और व्याख्यान, साहित्य के संदर्भ में संग्रहालय, कला विधि, पुस्तकालय सृजित करना; (दस) विश्वविद्यालय के छात्रों तथा कर्मचारियों में अनुशासन विनियमित करना एवं उसका पालन करवाना और इस संबंध में ऐसे अनुशासनात्मक उपाय करना जो कि आवश्यक समझे जाएं; (ग्यारह) विश्वविद्यालय के छात्रों एवं कर्मचारियों के स्वास्थ्य एवं सामान्य कल्याण को प्रोन्नत करने के लिए व्यवस्था करना; (बारह) ऐसे प्रयोजनों के लिए, जिन पर परस्पर सहमति हो, ऐसे निबंधनों तथा शर्तों पर, जो कि समय-समय पर विहित किए जाएं, उन उद्देश्यों को प्रोन्नत करने की दृष्टि से, जो कि विश्वविद्यालय के समान हो, भारत तथा विदेश में किसी अन्य विश्वविद्यालय, प्राधिकारी या कोई सार्वजनिक अथवा निजी निकाय के साथ सहयोग करना; (तेरह) केन्द्रीय सरकार, राज्य सरकार, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग या अन्य प्राधिकारियों के साथ अनुदान प्राप्त करने और किसी अन्य संस्था के विश्वविद्यालय में निगमन के लिये भी और इसके अधिकार, संपत्तियां प्राप्त करने और किसी ऐसे अन्य प्रयोजन के लिये जो इस अधिनियम से असंगत न हो, कोई करार करना; (चौदह) ऐसे शुल्क तथा अन्य प्रभार, जिसमें समय-समय पर यथाविहित स्ववित्तीय पाठ्यक्रम सम्मिलित है, की मांग करना तथा भुगतान प्राप्त करना; (पन्द्रह) दान प्राप्त करना और विश्वविद्यालय के उद्देश्यों के लिये कोई चल-अचल संपत्ति जिसमें मध्यप्रदेश राज्य के भीतर अथवा बाहर स्थित न्यास अथवा विन्यास संपत्ति सम्मिलित है, अर्जित करना, धारण करना और व्ययन करना, और निधियों का ऐसी रीति में निवेश करना, जैसी कि विश्वविद्यालय उचित समझे; (सोलह) शोध एवं सलाहकारी एवं परामर्शी सेवाओं के लिये उपबंध करना और उस प्रयोजन के लिये अन्य संस्थाओं या निकायों के साथ ऐसे करार करना जैसा कि विश्वविद्यालय आवश्यक समझे; (सत्रह) शोध तथा अन्य कार्यों के, जो कि विश्वविद्यालय द्वारा जारी किए जाएं, मुद्रण प्रत्युत्पादन और प्रकाशन की व्यवस्था करना; (अठारह) राज्य सरकार के अनुमोदन से, विश्वविद्यालय के मामलों के प्रयोजन के लिए, विश्वविद्यालय की संपत्ति की प्रतिभूति पर धन उधार लेना; (उन्नीस) समस्त ऐसे कार्य तथा बातें, जो विश्वविद्यालय के समस्त या उनमें से किसी उद्देश्य को प्राप्त करने या उसमें अभिवृद्धि करने के लिए आवश्यक, सहायक या आनुषंगिक हों।
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