section 25
विद्या परिषद् की शक्तियां तथा कृत्य
The Dr. B.R.Ambedkar University of Social Sciences Act, 2015विद्या परिषद्, विश्वविद्यालय की प्रमुख विद्या संबंधी निकाय होगी तथा उसकी निम्नलिखित शक्तियां तथा कृत्य होंगे :— (एक) प्रवेश, शिक्षण के मानकों, परीक्षा, मूल्यांकन, अध्येतावृत्तियों, फीस, छूट, उपस्थिति, अनुशासन, शैक्षणिक समुन्नति और शैक्षणिक उत्कृष्टता आदि के लिए अध्यादेश बनाना तथा उनमें संशोधन करना, जिससे कि विश्वविद्यालय के उद्देश्यों की पूर्ति की जा सके; (दो) विश्वविद्यालय के समस्त विद्या संबंधी मामलों जैसे शिक्षा, गवेषणा विस्तार तथा प्रशिक्षण; दूरस्थ शिक्षा, अन्तर्राष्ट्रीय सहयोग तथा विनिमय कार्यक्रमों आदि के संबंध में परामर्श करना, योजना बनाना, परिचालन, पर्यवेक्षण, मानीटर तथा प्रबंध करना; (तीन) अन्य विश्वविद्यालयों तथा संस्थाओं की उपाधियों तथा उपाधिपत्रों को मान्यता देना और विश्वविद्यालय की उपाधियों तथा उपाधिपत्रों के संबंध में समतुल्यता अवधारित करना; (चार) परिसर में, जिसमें सम्मिलित हैं केन्द्र तथा विभाग, परीक्षा, पुस्तकालय, छात्रावास, खेल, सांस्कृतिक गतिविधियां और शासित तथा दण्ड, आचरण, परिवीक्षा, समय-पालन आदि, अनुशासन तथा शालीनता बनाए रखने के लिए छात्रों के लिये विनियम बनाना; (पांच) शैक्षणिक कार्यक्रम और कलेण्डर, शिक्षण पाठ्यक्रम अनुमोदित करना तथा विश्वविद्यालय की वृहत् शैक्षणिक नीतियां निर्धारित करना जिसमें पाठ्यचर्या विकास, अध्ययन बोर्ड के माध्यम से समय-समय पर पाठ्यक्रम विरचित करना तथा पुनरीक्षित करना सम्मिलित है; (छह) विद्या संबंधी मामलों के संबंध में समस्त ऐसे कर्तव्यों का निर्वहन करना और ऐसे समस्त कार्य करना जैसे कि इस अधिनियम और उसके अधीन बनाए गए परिनियमों, अध्यादेशों तथा विनियमों के उपबंधों के उचित कार्यान्वयन के लिए आवश्यक हों; (सात) शासी निकाय या कार्य परिषद् द्वारा उसे निर्दिष्ट किसी विषय पर, रिपोर्ट करना; (आठ) ऐसी अन्य शक्तियों का प्रयोग करना तथा ऐसे अन्य कर्तव्यों का निर्वहन करना जैसे कि इस अधिनियम द्वारा या उसके अधीन उसे प्रदत्त किए जाएं या उस पर अधिरोपित किए जाएं।
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