section 10
साधारण परिषद् और उसकी पदावधि
The Madhya Pradesh Dharmashastra National Law University Act, 2018१०. (१) विश्वविद्यालय की एक साधारण परिषद् होगी जिसमें निम्नलिखित सदस्य होंगे, अर्थात् :-
(एक) विश्वविद्यालय का कुलाधिपति;
(दो) मध्य प्रदेश सरकार के विधि और विधायी कार्य विभाग का भारसाधक मंत्री;
(तीन) मध्य प्रदेश सरकार के उच्च शिक्षा विभाग का भारसाधक मंत्री;
(चार) मध्य प्रदेश के मुख्य न्यायमूर्ति द्वारा नामनिर्देशित किए गए मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के दो न्यायाधीश जिनमें से एक मध्य प्रदेश राज्य न्यायिक अकादमी का भारसाधक न्यायाधीश होगा;
(पांच) मध्य प्रदेश सरकार का मुख्य सचिव या उसका नामनिर्देशिती;
(छह) महाधिवक्ता, मध्य प्रदेश;
(सात) मध्य प्रदेश सरकार के विधि और विधायी कार्य विभाग का प्रमुख सचिव;
(आठ) मध्य प्रदेश सरकार के वित्त विभाग का अपर मुख्य सचिव या प्रमुख सचिव;
(नौ) मध्य प्रदेश सरकार के उच्च शिक्षा विभाग का अपर मुख्य सचिव या प्रमुख सचिव;
(दस) मध्य प्रदेश राज्य विधिज्ञ परिषद् का अध्यक्ष या उसका नामनिर्देशिती;
(ग्यारह) राष्ट्रीय न्यायिक अकादमी, भोपाल का अध्यक्ष;
(बारह) किसी राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय का कुलपति जैसा कि कुलाधिपति द्वारा नामनिर्देशित किया जाए;
(तेरह) विश्वविद्यालय अनुदान आयोग का अध्यक्ष या उसका नामनिर्देशिती;
(चौदह) कुलाधिपति द्वारा नामनिर्देशित किए गए तीन विख्यात अधिवक्ता; और
(पन्द्रह) विश्वविद्यालय का कुलपति.
(२) जहां कोई व्यक्ति उसके द्वारा धारित पद या नियुक्ति के कारण साधारण परिषद् का सदस्य हो जाता है, वहां उसकी सदस्यता तब समाप्त हो जाएगी, जबकि यथास्थिति, उसका ऐसा पद धारण करना या उसकी ऐसी नियुक्ति समाप्त हो जाए.
(३) साधारण परिषद् के नामनिर्देशित सदस्यों की पदावधि तीन वर्ष होगी;
(४) साधारण परिषद् का कोई सदस्य उस दशा में सदस्य नहीं रह जाएगा यदि वह पद त्याग देता है या विकृत-चित्त या दिवालिया हो जाता है या वह नैतिक अधमता अंतर्वलित करने वाली किसी दाण्डिक अपराध के लिए सिद्धदोष ठहरा दिया जाता है. कुलपति से भिन्न कोई सदस्य, सदस्य नहीं रह जाएगा, यदि वह विश्वविद्यालय में पूर्णकालिक नियुक्ति स्वीकार कर लेता है या वह पदेन सदस्य न होकर भी कुलाधिपति से अनुमति प्राप्त किए बिना साधारण परिषद् के लगातार तीन सम्मेलनों में अनुपस्थित रहता है.
(५) पदेन सदस्य से भिन्न साधारण परिषद् का कोई सदस्य, कुलाधिपति को सम्बोधित पत्र द्वारा अपना पद त्याग सकेगा और ऐसा त्याग-पत्र जैसे ही उसके द्वारा उसे स्वीकार कर लिया जाता है, प्रभावी हो जाएगा.
(६) साधारण परिषद् में नामनिर्देशित सदस्यों की कोई रिक्ति नामनिर्देशित प्राधिकारी द्वारा नामनिर्देशन द्वारा भरी जाएगी और रिक्ति की कालावधि के अवसान पर ऐसा नामनिर्देशन समाप्त माना जाएगा.
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