section 25
Ordinances
Pandit Deendayal Upadhayaya Uttrakhand Vishwavidalaya Act, 2011General201149 sections
Chapter 4 Chapter 4
Statutory text
- (1) इस अधिनियम के उपबन्धों और परिनियमों के अधीन रहते हुए, अध्यादेशों का निबन्धन निम्नलिखित विषयों पर हो सकेगा:- (क) अध्यादेश, यदि वह ठीक समझता है जारी करेगा; (ख) ऐसे विषय जिनका उल्लेख उपधारा
- (1) में नहीं किया गया है, यदि वह विश्वविद्यालय के हित में आवश्यक है; (ग) कार्यपालिका परिषद, परिनियमों के अन्तर्गत अध्यादेशों को निर्मित/संशोधित कर सकेगी या उन्हें वापस ले सकेगी; (घ) विश्वविद्यालय की कार्यपालिका परिषद, यदि सम्बन्धित विभाग के माध्यम से कोई अध्यादेश का संशोधन प्रस्तावित करती है, तो वह विचारार्थ प्रस्तुत करेगी; (ङ) उक्त उपधारा (ग) के अधीन कोई भी अध्यादेश, तब तक प्रभावी नहीं होगा जब तक कि वह कुलाधिपति के समक्ष अनुमति हेतु न हो और कुलाधिपति उस पर अपनी सहमति न दे दे; (च) विश्वविद्यालय कार्यपालिका परिषद द्वारा निर्मित अध्यादेश कुलाधिपति के समक्ष अनुमति हेतु प्रस्तुत होगा, जो कुलाधिपति द्वारा अनुमोदित किया जायेगा। (छ) कुलाधिपति द्वारा प्रदत्त सहमति, विश्वविद्यालय की कार्यपालिका परिषद को अध्यादेश पर आधारित कार्य करने का अधिकार देगी; (ज) (अध्यादेशों के प्रभावी होने का अर्थ) अध्यादेश का प्रकाशन;
- (2) उपधारा
- (1) के (ख), (ग) एवं (घ) के उपबन्धों के अनुसार कार्यपालिका परिषद का अध्यादेश का निबन्धन;
- (3) उपधारा
- (1) के (क), (ग), (घ) के उपबन्धों के अनुसार कार्यपालिका परिषद का अध्यादेश का निबन्धन या संशोधन का प्रावधान;
- (4) उपधारा
- (1) (क) के सन्शोधित अध्यादेश का निबन्धन, यह अध्यादेश के प्राविधानों से जो पूर्व में था, भिन्न हो सकता है, जो विश्वविद्यालय की कार्यपालिका परिषद के माध्यम से कुलाधिपति से सहमति प्राप्त कर लिया गया है।
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