section 9
State Government or agent to purchase Tendu leaves
The Madhya Pradesh Tendu Patta (Vyapar Viniyaman) Adhiniyam, 1964General195928 sections
Statutory text
धारा 9. राज्य शासन या अिभकतार् तेन्दू पत्तों का बय करेगा -
- (1) राज्य शासन या उसका ूािधकृत अिधकारी या अिभकतार्, काम-काज के घंटों के भीतर, संमहागार (फड़) में िवबय के, िलए ूःतुत िकए गए तेन्दू पत्ते, धारा 7 के अधीन िनिश्चत िकए मूल्य पर, खरीदने को बाध्य होगा:
- (2) उपधारा
- (1) के परन्तुक के अधीन ूािधकृत अिधकारी या अिभकतार् द्वारा, उसके पत्तों के अःवीकार कर िदए जाने के कारण पिरवेिदत (Aggrieved) कोई भी व्यिक्त, ऐसी अःवीकृित के पन्िह िदन के भीतर, ऐसी इकाई पर िजसमें िक पत्ते उगे हों क्षेऽािधकार रखने वाले वन मण्डलािधकारी या इस सम्बन्ध में राज्य शासन द्वारा सशक्त िकए गये अन्य पदािधकारी को मामला िनिदर्ष्ट कर सकेगा।
- (3) उपधारा
- (2) के अधीन िशकायत ूाप्त होने पर, यथािःथित वन मण्डलािधकारी, या ऐसा अन्य पदािधकारी, उसी ःथान पर या मुख्यालय पर िविहत रीित से जांच करेगा और सम्बिन्धत पक्षों या उनके ूािधकृत अिभकतार् को सुनने के पश्चात ऐसे आदेश पािरत करेगा जैसे िक वह ठीक समझे और उस दशा में जब वह पत्तों को अःवीकार करना अनुिचत पाता हो। (क) यिद वह ूश्नाधीन पत्तों को अब भी बीि़डयों के िनमार्ण के िलए उपयुक्त समझता हो, यथािःथित पदािधकारी या अिभकतार् को उसका बय करने के आदेश दे सकेगा और पिरवेिदत व्यिक्त (Aggrieved person) को ऐसा अमेतर ूितकर (Further compensation), जैसा िक वह उिचत समझे, और जो उसे पत्तों के देय मूल्य के बीस ूितशत से अिधक न हो, भुगतान के िलए िनदेर्श दे सकेगा। (ख) यिद वह समझे िक ूश्नाधीन (in question) पत्ते, इस बीच बीड़ी के िनमार्ण के िलए अनुपयुक्त हो गए हैं तो पिरवेिदत व्यिक्त को ऐसी रकम जो िक उपधारा
- (1) के अधीन, उसको ऐसे पत्तों के देय मूल्य से कम न हो, तथा ऐसे व्यिक्त के द्वारा उठाई गई हािन के िलए क्षितपूितर् धन के रूप में ऐसा अमेतर ूितकर, जैसा िक वह उिचत समझे और जो ऐसे मूल्य के बीस ूितशत से अिधक न हो, भुगतान के िलए िनदेर्श दे सकेगा।
- (4) इस धारा की िकसी बात का यह अथर् नहीं िलया जायेगा िक यिद राज्य शासन, उसके ूािधकृत अिधकारी या अिभकतार् को यह िवश्वास करने के कारण हो िक िवबय के िलये ूःतुत िकये गये पत्ते, राज्य शासन के वनों या भूिमयों के हैं, तो ऐसे पत्तों को अिधकार में लेने और केवल ऐसे संमहण सम्बन्धी व्ययों के, िजद कोई हों, जैसे िक राज्य शासन समय-समय पर अवधािरत करे, भुगतान करने में कोई रुकावट आती है: Provided that िकन्तु िकसी िववाद की दशा में, वन मण्डलािधकारी या ऐसा अन्य पदािधकारी, जो िक उपधारा
- (2) में उिल्लिखत िकये गये रूप में इस सम्बन्ध में िविशष्ट रूप से सशक्त कर िदया जावे, उसमें उपबंिधत रीित में उसे सुनेगा तथा उसका िनपटारा करेगा।
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