section 14
Power of seizure of property liable to confiscation and procedure therefor
The Madhya Pradesh Tendu Patta (Vyapar Viniyaman) Adhiniyam, 1964General195928 sections
Statutory text
धारा 14. अिधहरणीय सम्पित्त के अिभमहण की शिक्त और उसके िलये ूिबया -
- (1) समःत वन पदािधकारी या सहायक उप-िनरीक्षक से अिनम्न ौेणी का कोई भी पुिलस पदािधकारी या राज्य शासन द्वारा ूािधकृत कोई अन्य व्यिक्त, इस अिधिनयम के या उसके अधीन बनाये गए िनयमों के उपबंधों के पालन को सुिनिश्चत करने की दृिष्ट से या ःवयं का यह समाधान करने की दृिष्ट से उक्त उपबंधों का पालन िकया गया है – (एक) तेन्दू पत्ते के िलये उपयोग में लाये गये या उपयोग में लाये जाने के िलये अिभूेत िकसी नाव, गाड़ी या तेन्दू पत्ता भरने के िलये उपयोग में लाया जाने वाला सामान (भक्कू) को रोक सकेगा या उसकी तलाशी ले सकेगा। (दो) िकसी ःथान में ूवेश कर सकेगा और उसकी तलाशी ले सकेगा।
- (2) तेन्दू के उन पत्तों का िजनके सम्बन्ध में यिद संदेह को िक इस अिधिनयम के अधीन या उसके बनाये िनयमों के िकसी उपबंध का उल्लंघन िकया है, िकया जा रहा है, िकया जाने वाला है, तो वह सामान, िजसमें पत्ते रखे हों या पत्तों को ले जाने हेतु उपयोग में लाई जाने वाली गाि़डयों या नाव सिहत अिभमहण कर सकेगा।
- (3) इस धारा के अधीन िकसी सम्पित्त का अिभमहण करने वाला कोई भी ऐसा व्यिक्त, िजसे राज्य शासन ने इस सम्बन्ध में ूािधकृत िकया हो, ऐसी समःत सम्पित्त पर यह उपदिशर्त करने वाला एक िचन्ह लगायेगा िक उसका इस ूकार अिभमहण िकया गया है, और अिभमहीत की गई सम्पित्त को या तो यथाशक्य शीय सहायक वन संरक्षक से अिनम्न ौेणी के पदािधकारी के या िकसी ऐसे व्यिक्त के िजसे राज्य शासन ने, अिधसूचना द्वारा, इस सम्बन्ध में ूािधकृत अिधकारी िनयुक्त िकया हो, (जो इसमें इसके पश्चात ूािधकृत पदािधकारी के नाम से िनिदर्ष्ट है) समक्ष पेश करेगा, या जहां पिरणाम या ूपुंज (बल्क) को, अन्य वाःतिवक किठनाई को ध्यान में रखते हए यह साध्य न हो िक अिभमहीत की गई सम्पित्त को ूािधकृत पदािधकारी के समक्ष पेश िकया जा सके, वहां वह अिभमहण की बाबत ूितवेदन ूािधकारी को करेगा, या जहां अपराधी के िवरूद्ध दािण्डक कायर्वािहयां तुरंत आरम्भ करना अिभूेत हो, वहां ऐसे अिभमहण का ूितवेदन उस मिजःशेट को करेगा जो उस अपराध का िवचारण करने की अिधकािरता रखता हो िजसके िक कारण अिभमहण िकया गया है। परंतु जब वे तेन्दू पत्ते िजनके बारे में ऐसा अपराध िकये जाने का िवश्वास िकया जाता है, शासन की सम्पित्त है, और अपराधी अज्ञात है।, तब यिद पदािधकारी पिरिःथितयों के बारे में ूितवेद न अपने पदीय विरष्ठ को यथाशीय दे देता है तो वह पयार्प्त होगा। (3.A)
- (1) कोई वन अिधकारी, जो वन क्षेऽ पाल के पद से अिनम्न पद का न हों और िजसके अधीनःथ अिधकारी ने उपधारा
- (2) के अन्तगर्त कोई औजार, नाव, वाहन रःसी चेन या अन्य वःतु जप्त की हो, को उन वःतुओं के मािलक द्वारा, उन वःतुओं के मूल्य मािलक, द्वारा उन वःतुओं के मूल्य के बराबर या उस अिधकारी की सन्तुिष्ट तक की रािश की जमानत िनंपािदत की हो और यह िलिखत में, यह बन्ध पऽ ूःतुत करे िक वह उन वःतुओं को िजस ःथान पर, िजस िदनांक को िनदेर्िशत िकया जावे, ूािधकृत अिधकारी या उस मिजःशेट के सामने, िजसको, उस ूकरण की सुनवाई की अिधकािरता है, ूःतुत करेगा, सुपुदर्गी में दे सकेगा।
- (4) उपधारा
- (6) के उपबंधों के अध्याधीन रहते हए, जब ूािधकृत पदािधकारी का यथािःथित तेन्दू पत्तों को अपने समक्ष पेश िकये जाने पर या अिभमहण के बारे में ूितवेदन के ूाप्त होने पर, यह समाधान हो जाता है िक उसके बारे में अपराध िकया गया है, तो वह, िलिखत आदेश द्वारा, अिभिलिखत िकये जाने वाले कारणों से, उन तेन्दू पत्तों को, जो इस ूकार अिभगृिहत िकये गये हैं, समःत औजारों, गाि़डयों, नावों, रःसों, जंजीरों या िकन्हीं अन्य वःतुओं सिहत?, िज नका िक उपयोग ऐसे अपराध के करने में िकया गया है अिधहृत कर सकेगा। (ूािधकृत अिधकारी के आदेश की एक ूित) असम्यक् िवलम्ब के िबना उस वृत्त के वन संरक्षक को भेजी जायेगी िजसमें िक तेन्दू पत्तों को अिभगृहीत िकया गया है।
- (5) उपधारा
- (3) के अधीन िकसी संपित्त को अिधहृत करने वाला कोई आदेश तब तक नहीं िकया जायेगा जब तक िक ूािधकृत पदािधकारी – (क) सम्पित्त के अिधहरण के िलये कायर्वािहयां शुरू िकये जाने के बारे में सूचना उस अपराध का, िजसके कारण अिभमहण िकया गया है, िवचारण करने की अिधकािरता रखने वाले मिजःशेट को िविहत ूारूप में नहीं भेज देता। (ख) उस व्यिक्त को, िजससे यह सम्पित्त अिभगृहीत की गई है तथा िकसी ऐसे अन्य व्यिक्त को, िजसके बारे में ूािधकृत पदािधकारी को यह ूतीत होता हो िक उसका ऐसी सम्पित्त में कोई िहत है, िलिखत सूचना नहीं दे देता। (ग) खण्ड (ख) में िनिदर्ष्ट व्यिक्त को ूःतािवत अिधहरण के िवरूद्ध ऐसे युिक्तयुक्त समय के भीतर, जैसा िक सूचना में उिल्लिखत िकया जाये, अभ्यावेदन करने का अवसर दे देता; और (घ) अिभमहण करने वाले पदािधकारी की तथा उस व्यिक्त या उन व्यिक्तयों की, िजसे उन्होंने खण्ड (ख) के अधीन सूचना दी हो सुनवाई, उस ूयोजन के िलये िनयत िकये जाने वाले िदनांक को नहीं कर लेता।
- (6) उपधारा
- (4) के अधीन, िकन्हीं औजारों, गाि़डयों, नावों, रःसों, जंजीरों या िकसी अन्य वःतु के (जो अिभगृहीत िकये तेन्दू पत्तों से िभन्न हो) अिधहरण का कोई आदेश नहीं िकया जायेगा यिद उपधारा
- (2) के खण्ड (ख) में िनिदर्ष्ट कोई व्यिक्त, ूािधकृत पदािधकारी के समाधानूद रूप में यह सािबत कर देता है िक िकन्हीं ऐसे औजारों, गाि़डयों, नावों, रःसों, जंजीरों या अन्य वःतुओं का उपयोग उसकी जानकारी या मौनानुकूलता के िबना िकया गया था और यह िक इस अिधिनयम के अधीन िकसी अपराध के िकये जाने के िकये पूवोर्क्त वःतुओं के उपयोग को रोकने के िलये समःत युिक्तयुक्त और आवँयक पूवार्वधािनयां बरती गई थीं।
- (7) इस धारा के अन्तगर्त की जाने वाली तलाशी एवं जप्त के सम्बन्ध में, भा.द.ू. संिहता 1973 (ब. 2 1974) को धारा 102 एवं 103 के तलाशी एवं जप्ती के ूावधान, जहां तक लागू हों, इसमें भी लागू होंगे।
- (8) जब उस ूािधकृत अिधकृत द्वारा, िजसका उस क्षेऽ पर क्षेऽािधकार हो, उसने ःवयं वःतुएं जप्त की हो या िजसने उस ूकरण का अन्वेषण िकया हो, तो वन मण्डलािधकारी उस ूकरण को उसी पद के दूसरे अिधकारी को हःतांतिरत कर सकेगा जो इस धारा के अन्तगर्त कायर्वाही करेगा।
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