section 17A
Power to compound offences
The Madhya Pradesh Tendu Patta (Vyapar Viniyaman) Adhiniyam, 1964General195928 sections
Statutory text
धारा 17 A. अवराधों का ूशमन करने की शिक्त - राज्य शासन शासकीय राजपऽ में अिधसूचना जारी कर वन अिधकारी को िनम्न के िलए अिधकृत कर सकता है -
- (a) उस व्यिक्त से, िजसके िवरूद्ध इन अिधिनयम के या इसके अन्तगर्त बने िनयमों के अन्तगर्त अपराध करने का युिक्तयुक्त सन्देह हो, उस अपराध के िलए जो उस अपराधी ने िकया हो, ूितकर के रूप में रािश ःवीकार करने।
- (b) जब कोई ऐसी सम्पित्त जप्त ह ुई हो, जो राजसात होने के दाियत्वाधीन हो, उसको राजसात होने के आदेश होने के पूवर्, समुिचत अिधकारी द्वारा अनुमािनत िकया जावे, सम्पित्त के मािलक द्वारा भुगतान करने पर छोड़ सकता है।
- (2) इस ूकार रािश या मूल्य दोनों के, जैसा ूकरण हो, के भुगतान होने पर वह सन्देहाःूद व्यिक्त, यिद वह अिभरक्षा में हो को मुक्त िकया जावेगा, और वह सम्पित्त के िवरूद्ध आगे कोई कायर्वाही नहीं की जावेगी।
- (3) इस धारा के अन्तगर्त उस अिधकारी को अिधकृत नहीं िकया जावेगा जो वन क्षेऽपाल के पद से िनम्न पद का हो और क्लाज
- (a) के अन्तगर्त ूितकार के रूप में जो रािश वसूल की जावेगी वह जप्त शुदा तेन्दू पत्ते के मूल्य के दस गुना से अिधक नहीं होगी। परन्तु यिद वह तेन्दू पत्ता, िजसके सम्बन्ध में अपराध कािरत ह ु आ है, वह शासन की सम्पित्त नहीं है या जप्तशुदा तेन्दू पत्ते का मूल्य रू. 1000/‐ से कम हो, और अपराधी ने ूथम बार अपराध िकया हो, तो उस व्यिक्त को रू. या जप्तशुदा वःतु का (तेन्दू पत्ता छोड़कर) मूल्य जमा करने पर (जो कम हो) छोड़ िदया जावेगा, और जप्तशुदा तेन्दू पत्ता यिद शासन की सम्पित्त न हो, तो उसके मूल्य के भुगतान करने पर या अन्यथा छोड़ िदया जावेगा।
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