section 14A
Appeal against order of confiscation
The Madhya Pradesh Tendu Patta (Vyapar Viniyaman) Adhiniyam, 1964General195928 sections
Statutory text
क. अिधहरण के आदेश के िवरूद्ध अपील -
- (1) अिधहरण के िकसी आदेश से पिरवेिदत कोई व्यिक्त, आदेश के िलए िकये जाने के िदनांक से तीस िदन के भीतर, या यिद ऐसे आदेश सम्बन्धी तथ्य की संसूचना उसे नहीं दी गई हो तो ऐसे आदेश की जानकारी होने के िदनांक से तीस िदन के भीतर, उस वन वृत्त के, िजसमें तेन्दू पत्ते अिभगृहीत िकये गये हों, वन संरक्षक (जो इसमें इसके पश्चात अपील ूािधकारी के नाम से िनिदर्ष्ट है) को िलिखत में अपील कर सकेगा िजसके साथ ऐसी फीस जमा की जायेगी और जो ऐसे रूप में देय होगी जैसा िक िविहत िकया जाए, और उसके साथ अिधहरण के आदेश की ूमािणत ूित संलग्न होगी।
- (2) उपधारा
- (1) में िनिदर्ष्ट अपील ूािधकारी, उस दशा में जबिक उसके समक्ष कोई अपील न की गई हो, अिभमहण करने वाले 1{पदािधकारी} को, और ऐसे िकसी अन्य व्यिक्त को, िजसका िक अपील अिधकारी की राय में ूािधकृत अिधकारी के आदेश से ूितकूलतः ूभािवत होना संभाव्य है, (िजसके अन्तगर्त अपीलाथीर्, यिद कोई हो, आता है) ःवूेरणा से की जाने वाली कायर्वाई की सुनवाई की सूचना 1{ूािधकृत अिधकारी} के आदेश की ूित उसे ूाप्त होने के िदनांक से तीस िदन के भीतर ःवूेरणा से दे सकेगा, और अपील के ज्ञापन के पेश िकये जाने की दशा में, वह अपील की सुनवाई की सूचना उक्त व्यिक्तयों को देगा, और मामले के अिभलेख मंगा सकेगा। परंतु अपील की कोई औपचािरक सूचना अपीलाथीर्, अिभमहण करने वाले पदािधकारी और ऐसे िकसी अन्य व्यिक्त िजसका िक पूवोर्क्तानुसार ूितकूल, ूभािवत होना संभाव्य है, में से उसको िदया जाना आवँयक नहीं होगा जो सूचना अिधत्यजन कर दे या िजसे अपील की सुनवाई का िदनांक, अपील ूािधकारी द्वारा िकसी अन्य रीित में सूिचत िकया जा सकता हो।
- (3) अपील अिधकारी, अपील िकये जाने की, या ःवूेरणा से की जाने वाली कायर्वाही िकये जाने के बारे में में ूािधकृत अिधकारी को िलिखत सूचना देगा।
- (4) अपील अिधकारी, अिधहरण की िवषय वःतु की अिभरक्षा पिररक्षण या व्ययन (यिद आवँयक हो) के िलये अिन्तिरम ःवरूप ऐसे आदेश पािरत कर सकेगा जैसे िक उसे उस मामले की पिरिःथितयों में न्यायसंगत ूतीत हो।
- (5) अपील अिधकारी, मामले की ूकृित या अन्तगर्त जिटलताओं को ध्यान में रखते हए अपील के पक्षकारों को, उनका ूितिनिधत्व उनके अपने िविध व्यावसािययों के द्वारा िकये जाने की अनुज्ञा दे सकेगा।
- (6) अपील की या ःवूेरणा से की जाने वाली कायर्वाही की सुनवाई के िलए िनयत की गई तारीख को, या ऐसी तारीख को, िजसके िलए सुनवाई रखी जावे, अपील अिधकारी अिभलेख का पिरशीलन करेगा और यिद अपील के पक्षकार ःवयं उपिःथत हों तो उनकी सुनवाई करेगा या िलिखत में सम्यक रूप से ूािधकृत िकये गये िकसी अिभकतार् या िविध व्यवसायी की माफर्त सुनवाई करेगा और उसके पश्चात अिधहरण के आदेश की पुिष्ट करने, उसे उलटने या उसे उपान्तिरत करने का आदेश पािरत करने के िलए अमसर होगा, परन्तु कोई आदेश पािरत करने के पूवर् अपील अिधकारी यिद अपील के या ःवूेरणा से की गई कायर्वाही के उिचत िनपटारे के िलये, यह आवँयक समझा जाता है तो अितिरक्त जांच या तो ःवयं कर सकेगा या ूािधकृत अिधकारी से करवा सकेगा और िकसी ऐसे तथ्य का, जो िवचारथर् उद्भूत हो, ूाख्यान या खण्डन करने के िलए पक्षकारों को शपथ पऽ फाइल करने के िलये अनुज्ञा दे सकेगा और तथ्यों का सबूत शपथ पऽ द्वारा िकये जाने की अनुज्ञा दे सकेगा।
- (7) अपील ूािधकारी पािरणािमक ःवरूप के ऐसे आदेश भी पािरत कर सकेगा जैसे िक वह आवँयक समझे।
- (8) अंितम आदेश की, या पािरणािमक ःवरूप के आदेश की ूित पालन के िलये अपील ूािधकारी के आदेश के अनुरूप कोई अन्य समुिचत आदेश पािरत करने के िलये, ूािधकृत पदािधकारी को भेजी जायेगी।
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