section 14C
Bar of jurisdiction of court etc. in certain circumstances
The Madhya Pradesh Tendu Patta (Vyapar Viniyaman) Adhiniyam, 1964General195928 sections
Statutory text
धारा 14. ग. कितपय पिरिःथितयों में न्यायालय आिद की अिधकािरता का वजर्न -
- (1) उस अपराध का, िजसके कारण उस सम्पित्त का, जो िक अिधहरण की िवषय-वःतु है, अिभमहण िकया गया है िवचारण करने की अिधकािरता रखने वाले मिजःशेट को सम्पित्त के अिधहरण के िलये कायर्वािहयां शुरू की जाने के बारे में धारा 14 की उपधारा
- (5) के अधीन सूचना के ूाप्त होने पर, िकसी भी न्यायालय, अिधकरण या ूािधकारी (जो यथािःथित धारा 14, 14-क में िनिदर्ष्ट ूािधकृत पदािधकारी, अपील पदािधकारी तथा सेशन न्यायालय से िभन्न हो) को, इस अिधिनयम में या तत्समय ूवृत्त िकसी अन्य िविध में अन्तिवर्ष्ट िकसी बात के होते हए भी, उस सम्पित्त के कब्जे, पिरदान, िनवतर्न या िववरण के िवषय में कोई आदेश करने की अिधकािरता नहीं होगी िजसके बारे में धारा 14 के अधीन अिधहरण की कायर्वािहयां शुरू हो गई हैं। परन्तु सम्पित्त के िनवतर्न के िलए कोई आदेश पािरत करने के पूवर्, मिजःशेट अपना यह समाधान कर लेगा िक धारा 14 की उपधारा
- (5) के अधीन कोई सूचना उसके न्यायालय को या उस अपराध का िजसके कारण सम्पित्त का अिभमहण िकया गया है, िवचारण करने की अिधकािरता रखने वाले िकसी अन्य न्यायालय को ूाप्त नहीं हई है। व्याख्या - जहां तत्समय ूवृत्त िकसी िविध के अधीन, इस अिधिनयम के अधीन अपराध का िवचारण करने की अिधकािरता दो या अिधक न्यायालयों को हो, वहां ऐसी अिधकािरता रखने वाले मिजःशेट के न्यायालयों में से िकसी एक को धारा 14 की उपधारा
- (5) के अधीन की सूचना ूाप्त हो जाने पर यह अथर् लगाया जायेगा िक उस उपबंध के अधीन सूचना समःत न्यायालयों पर ूवितर्त होगी।
- (2) इसमें इसके पूवर् अन्तिवर्ष्ट िकसी भी बात के सम्बन्ध में यह नहीं समझा जायेगा िक वह राज्य शासन द्वारा इस सम्बन्ध में ूािधकृत िकये गये िकसी पदािधकारी को इस बात से िनवािरत करती है िक वह धारा 14 अधीन अिभगृहीत की गई िकसी सम्पित्त को तुरन्त िनमुर्क्त िकये जाने का िनदेर्श िकसी भी समय दें।
Study data processing for this section.
PDF: pending for this language.