section 7
Establishment and incorporation of Market Committee
The Madhya Pradesh Krishi Upaj Mandi Act 1972Establishment and incorporation of Market Committee. (1) प्रत्येक मण्डी-क्षेत्र के लिये एक मण्डी समिति होगी जिसकी अधिकारिता संपूर्ण मण्डी-क्षेत्र पर होगी।
(2) प्रत्येक मण्डी समिति उस नाम से, जो कि ऐसी मण्डी के लिये धारा 4 के अधीन अधिसूचना में विनिर्दिष्ट किया गया हो, एक निगमित निकाय (Body Corporate) होगी। उसका शाश्वत उत्तराधिकार (Perpetual Succession) होगा तथा उसकी एक सामान्य मुद्रा होगी और वह अपने निगमित नाम से वाद चला सकेगी तथा उक्त नाम से उसके विरुद्ध वाद चलाया जा सकेगा और ऐसे निर्बंधनों (Restrictions) के जो कि इस अधिनियम द्वारा या उसके अधीन अधिरोपित किये जायें, अध्यधीन रहते हुये, वह संविदा करने के लिये तथा किसी भी संपत्ति को अर्जित (acquire) करने, धारण करने, पट्टे पर देने, बेचने या अन्यथा अंतरित (Transfer) करने के लिये और इस अधिनियम के प्रयोजनों के लिये आवश्यक समस्त अन्य बातें करने के लिये सक्षम होगी।
(3) तत्समय प्रवृत्त किसी भी अधिनियमिति में अंतर्विष्ट किसी भी बात के होते हुये भी, प्रत्येक मण्डी समिति समांतर प्रयोजनों के लिये स्थानीय प्राधिकारी समझी जायेगी।
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