section 19&[k
Power to levy Mandi fee
The Madhya Pradesh Krishi Upaj Mandi Act 1972(1) प्रत्येक मंडी समिति-- (एक) अधिसूचित कृषि उपज, चाहे वह राज्य के भीतर से या राज्य के बाहर से किसी मंडी क्षेत्र में लाई गई हो, के विक्रय पर; और (दो) अधिसूचित कृषि उपज पर, चाहे वह राज्य के भीतर से या राज्य के बाहर से किसी मंडी क्षेत्र में लाई गई हो और प्रसंस्करण में उपयोग के लिये लाई गई हो, ऐसी दरों से, जो कि राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर, कीमत के प्रत्येक एक सौ रुपये पर न्यूनतम पचास पैसे की दर के और अधिकतम दो रुपये की दर के अव्याधीन रहते हुये नियत की जाये, विहित रीति में मंडी फीस का उद्ग्रहण करेगी: परंतु उस मंडी समिति को छोड़कर, जिसके मंडी क्षेत्र में अधिसूचित कृषि उपज, यथास्थिति, किसी कृषक या व्यापारी द्वारा प्रथम बार विक्रय या प्रसंस्करण हेतु लाई गई हो, कोई मंडी समिति ऐसी मंडी फीस का उद्ग्रहण नहीं करेगी। (2) मंडी-फीस अधिसूचित कृषि उपज के क्रेता द्वारा संदेय होगी और विक्रेता को संदेय कीमत में से नहीं काटी जायेगी: (परंतु जहां किसी अधिसूचित कृषि उपज का क्रेता पहचाना न जा सके, वहां समस्त फीस उस व्यक्ति द्वारा संदेय होगी जिसने कि उपज को बेचा हो या जो उपज को मंडी क्षेत्र में विक्रय के लिये लाया हो; परंतु यह और कि मंडी क्षेत्र में व्यापारियों के बीच वाणिज्यिक संव्यवहार होने की दशा में मंडी फीस विक्रेता द्वारा संग्रहीत की जायेगी तथा संदत्त की जायेगी; परंतु यह और भी कि कृषि-उपज पर, जिसे राज्य सरकार, अधिसूचना द्वारा, इस संबंध में विनिर्दिष्ट करे, 31 मार्च 1990 तक कोई फीस उद्गृहीत नहीं की जायेगी यदि ऐसी उपज किसी कृषक द्वारा किसी ऐसी सहकारी सोसायटी को, जिसका कि वह सदस्य है, मंडी प्रांगण या उपमंडी प्रांगण के बाहर बेची गई हो; परंतु यह भी कि वाणिज्यिक संव्यवहार के लिये या प्रसंस्करण के लिये मंडी क्षेत्र में लाई गई कृषि-उपज पर मंडी फीस, यथास्थिति, क्रेता या प्रसंस्करणकर्ता द्वारा, उस दशा में मंडी समिति के कार्यालय में 14 दिन के भीतर जमा की जायेगी, यदि क्रेता या प्रसंस्करणकर्ता ने धारा 19 की उपधारा (6) के अधीन जारी किया गया अनुज्ञापत्र प्रस्तुत नहीं किया है)। (3) उपधारा (1) में विनिर्दिष्ट मंडी फीस किसी अधिसूचित कृषि उपज पर-- (एक) राज्य में से एक से अधिक मंडी क्षेत्र में; या (दो) उसी मंडी क्षेत्र में एक से अधिक बार; उस दशा में उद्गृहीत नहीं की जायेगी जब कि उसका पुनःविक्रय-- (क) ऊपर (एक) की दशा में, उस मंडी क्षेत्र से, जिसमें वह यथास्थिति किसी कृषक या व्यापारी द्वारा प्रथम बार विक्रय हेतु लाई गई थी या क्रय की गई थी या बेची गई थी और उस पर उस मंडी क्षेत्र में फीस लग चुकी है, भिन्न मंडी क्षेत्र में; या (ख) ऊपर (दो) की दशा में उस मंडी क्षेत्र में-- व्यापारियों के बीच वाणिज्यिक संव्यवहारों के अनुक्रम में या उपभोक्ताओं को किया जाता है, बशर्ते संबंधित व्यक्ति द्वारा ऐसे प्रारूप में, जो उपविधियों में विहित किया जाये, इस प्रभाव की सूचना दे दी गई हो कि इस प्रकार पुनः बेची जा रही उस अधिसूचित कृषि-उपज पर राज्य के अन्य मंडी क्षेत्र में फीस पहले ही लग चुकी है।
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