section 2
परिभाषा
The Chhattisgarh Nagarpalik Rajaswa (Viniyamak Aayog ki Sthapna) Adhiniyam, 2011Chapter I PRELIMINARY
2. इस अधिनियम में, जब तक कि संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो,--
(क) "आयोग" से अभिप्रेत है, धारा 3 के अधीन गठित छत्तीसगढ़ नगरपालिक राजस्व विनियामक आयोग;
(ख) "निधि" से अभिप्रेत है, धारा 22 के अधीन सृजित आयोग की निधि;
(ग) "शासन" से अभिप्रेत है, छत्तीसगढ़ शासन;
(घ) "सदस्य" से अभिप्रेत है, अधिनियम की धारा 3 के अधीन गठित आयोग में नियुक्त अध्यक्ष एवं सदस्य;
(ङ) "नगरपालिक राजस्व" से अभिप्रेत है, ऐसा कोई भी राजस्व जो किसी भी स्थानीय नगरीय निकाय के उपभोक्ता प्रभार या अन्य राजस्व लेखों के किसी भी शीर्ष के अधीन आता हो, चाहे वह वसूला गया हो अथवा वसूला नहीं गया हो, रोपित हो या बकाया हो, उद्ग्रहीत हो या उद्ग्रहीत न हो तथा इसमें कर, शुल्क, लेवी, टोल, रायल्टी, चार्ज, भाड़ा, जुर्माना, दंड सहित ब्याज तथा दांडिक ब्याज, जो राजस्व राशि पर भुगतान न करने अथवा भुगतान में विलंब के कारण हो, सम्मिलित होंगे;
(च) "स्थानीय नगरीय निकाय" से निर्देशित है, छत्तीसगढ़ नगरपालिक निगम अधिनियम, 1956 (क्र. 23 सन् 1956) अथवा छत्तीसगढ़ नगरपालिका अधिनियम, 1961 (क्र. 37 सन् 1961) के अंतर्गत, यथास्थिति, बनाया गया नगरपालिक निकाय तथा इसमें छत्तीसगढ़ राज्य के नगरपालिक निगम, नगरपालिक परिषद् तथा नगर पंचायतें सम्मिलित हैं.
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