section 34(1)
Obligation to acquire land
The Chhattisgarh Nagar Tatha Gram Nivesh (Amendment and Validation) Act, 201734 (1) जहां किसी भूमि को किसी योजना द्वारा - (क) नगर विस्तार या नगर सुधार के प्रयोजन के हेतु विकास के लिए, या (ख) संघ या राज्य सरकार या किसी स्थानीय प्राधिकारी या इस अधिनियम के अधीन गठित किये गये किसी विशेष प्राधिकारी के प्रयोजन के हेतु विकास के लिए, या (ग) राजमार्ग या लोकउपयोगी सेवा के रूप में विकास के लिए, अनिवार्य अर्जन के अधयाधीन होना अभिहित किया गया हो और उस भूमि का स्वामी - (एक) यह दावा करता हो कि वह भूमि अपनी वर्तमान स्थिति में युक्तिपूर्वक रूप से फायदेमंद उपयोग के लिए अयोग्य हो गयी हो, या (दो) जहां भूमि का विकास करने की अनुज्ञा शर्तों के अधयाधीन रहते हुए दी गयी हो वहां वह दावा करता हो कि अनुज्ञात विकास को उन शर्तों के अनुसार कार्यान्वित करके भूमि को युक्तिपूर्वक रूप से फायदेमंद उपयोग के योग्य नहीं बनाया जा सकता, (तीन) यह दावा करता हो कि उस भूमि को अर्जन या विकास के लिए अभिहित किये जाने के कारण उस भूमि का विक्रय मूल्य कम हो गया हो, तो स्वामी, सरकार पर ऐसे समय के भीतर, ऐसी रीति में तथा ऐसी दस्तावेजों के साथ, जैसी कि विहित की जाये, एक सूचना तामील कर सकेगा जिसमें समुचित प्राधिकारी से यह अपेक्षा की जायेगी कि वह भूमि में के हित का इस अधिनियम के उपबंधों के अनुसार क्रय कर लें।
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