section 6
Constitution of Board
Shri Sanwaliaji Temple Act, 1992General199237 sections
Statutory text
बोर्ड की संरचना:-
- (1) बोर्ड में अध्यक्ष, चित्तौड़गढ़ जिले का कलक्टर, देवस्थान आयुक्त, मुख्य कार्यपालक अधिकारी और सात अन्य सदस्य होंगे।
- (2) राज्य सरकार निम्नलिखित आठ सदस्यों को नामनिर्देशित करेगी -
- (i) ऐसे तीन व्यक्ति, जो हिन्दू धर्म या संस्कृति की, विशेष रूप से वैष्णव सम्प्रदायान्तर्गत, सेवा करने में विशिष्ट रहे हों;
- (ii) ऐसे तीन व्यक्ति, जो प्रशासन, विधिक मामलों और शासकीय मामलों में विशिष्ट रहे हों;
- (iii) राजस्थान राज्य के दो अग्रगण्य हिन्दू; और
- (iv) बोर्ड का नामनिर्देशन करते समय, जहां तक साध्य हो, विद्य्यास विलेख में अभिव्यक्त, मंदिर के आसपास के मंडफिया सहित सोलह गांवों के प्रतिनिधित्व की स्थापित परम्परा का निर्वाह किया जायगा और अध्यक्ष सहित कम से कम तीन सदस्य, अनुसूची में उल्लिखित गांवों के निवासियों में से होंगे। राज्य सरकार इस प्रकार से नामनिर्दिष्ट सदस्यों में से एक को बोर्ड का अध्यक्ष नामनिर्देशित करेगी।
- (3) कोई व्यक्ति बोर्ड के अध्यक्ष या सदस्य के रूप में नामनिर्देशन के लिए पात्र तब नहीं होगा यदि -
- (i) वह विकृत चित्त का हो और किसी सक्षम न्यायालय द्वारा ऐसा घोषित किया जा चुका हो, या
- (ii) वह किसी ऐसे अपराध के लिए सिद्धदोष ठहराया गया हो जिसमें नैतिक अधमता अन्तर्वलित हो, या
- (iii) उसने दिवालिया न्यायनिर्णीत किये जाने के लिए आवेदन किया हो या वह अनुन्मोचित दिवालिया हो, या
- (iv) वह अवयस्क हो या बहरा-गूंगा हो या कुष्ठ रोग से पीड़ित हो, या
- (v) वह मंदिर का पदाधिकारी या सेवक हो या मंदिर से कोई उपलब्धियां या परिलाभ प्राप्त करता हो, या
- (vi) वह मंदिर के लिए किसी सामग्री का कोई प्रदाय करने या मंदिर की ओर से कोई कार्य निष्पादित करने सम्बन्धी किसी विद्यमान संविदा में, या मंदिर के पक्षित या विपक्षित के वकील के रूप में हितबद्ध हो, या
- (vii) वह हिन्दू धर्म को नहीं मानता हो।
- (4) कलक्टर और देवस्थान आयुक्त बोर्ड के पदेन सदस्य होंगे।
- (5) मुख्य कार्यपालक अधिकारी बोर्ड का पदेन सदस्य-सचिव होगा।
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