Shri Sanwaliaji Temple Act, 1992
Shri Sanwaliaji Temple Act, 1992
1. Short title, extent and commencement
संक्षिप्त नाम, प्रसार और प्रारम्भ:-
- (1) इस अधिनियम का नाम श्री सांवरियाजी मंदिर अधिनियम, 1992 है।
- (2) इसका प्रसार सम्पूर्ण राजस्थान राज्य में होगा।
- (3) यह 2 दिसम्बर, 1991 को प्रवृत्त हुआ समझा जावेगा।
2. Act to override other laws
अधिनियम का अन्य विधियों पर अध्यारोही होना:- यह अधिनियम किसी भी विधि में या प्रबंध की किसी भी स्कीम, डिक्री, रूढ़, प्रथा या वसीयत में अन्तर्विष्ट किसी प्रतिकूल बात के होने पर भी प्रभावी होगा।
3. Definitions
परिभाषायें :- जब तक सन्दर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो, इस अधिनियम में - (क) ‘‘बोर्ड’’ से इस अधिनियम के अधीन गठित श्री सांवरियाजी मंदिर बोर्ड अभिप्रेत है; (ख) ‘‘विद्य्यास’’ से मंदिर की या उसके रख-रखाव, सुधार, परिवर्धन या सहायता के लिए या उसमें उपासना करने के लिए या उससे सम्बन्धित किसी भी सेवा या खैरात के लिए या मंदिर में आने वाले तीर्थयात्रियों के फायदे, सुविधा या सुख के लिए किसी भी नाम से मंदिर को दी गयी या सौंपी गयी सारी जांगम या स्थावर सम्पत्ति अभिप्रेत हैं और उसके अन्तर्गत निम्नलिखित है -
- (i) मंदिर में प्रतिष्ठापित मूर्तियां;
- (ii) मंदिर के परिसर;
- (iii) वे समस्त भूमियां और अन्य जांगम या स्थावर सम्पत्तियां, चाहे वे कहीं भी स्थित हो, तथा किसी भी स्त्रोत से प्राप्त किसी के भी नाम में होने वाली सम्पूर्ण आय जो मंदिर को समर्पित की गयी हो अथवा किन्हीं धार्मिक, पवित्र या खैराती प्रयोजनों के लिए बोर्ड के अधीन रखी गयी हो, या विद्य्यासों से अथवा ऐसे विद्य्यासों की आय से खरीदी गयी हो और मंदिर के लिए किये गये तथा मंदिर की ओर से प्राप्त चढ़ावे तथा भेंटें;
- (iv) श्री सांवरियाजी विद्य्यास के न्यासी बोर्ड के द्वारा धारित जांगम अथवा स्थावर सम्पत्तियां, जिनमें न्यासी बोर्ड के द्वारा गठित और प्रबंधित निधियां भी सम्मिलित हैं; (ग) ‘‘मुख्य कार्यपालक अधिकारी’’ से इस अधिनियम के अधीन नियुक्त मंदिर का मुख्य कार्यपालक अधिकारी अभिप्रेत है; (घ) ‘‘विहित’’ से इस अधिनियम के अधीन बनाये गये नियमों द्वारा विहित अभिप्रेत है; (ङ) ‘‘मंदिर’’ से चित्तौड़गढ़ जिले के मंडफिया स्थित श्री सांवरियाजी का मंदिर अभिप्रेत है; (च) ‘‘श्री सांवरियाजी विद्य्यास’’ से देवस्थान विभाग द्वारा 19-8-1986 को राजस्थान लोक विद्य्यास अधिनियम, 1959 के अधीन रजिस्ट्रीकृत विद्य्यास विलेख के अधीन इस नाम से जाना जाने वाला विद्य्यास अभिप्रेत है; (छ) ‘‘मंदिर निधि’’ से विद्य्यास अभिप्रेत है और उनमें ऐसी समस्त राशियां, चढ़ावे, भेंटें और पूजा-स्थल के फायदे के लिए किया गया कोई भी अन्य दान या अभिदाय सम्मिलित है तथा समस्त ऐसे विद्य्यास भी सम्मिलित है जो पूजा-स्थल, उसकी सेवा-पूजा के फायदे के लिए श्री सांवरियाजी विद्य्यास के विलेख में उल्लिखित प्रयोजनों के अधीनस्थ प्रयोजनों के लिए किये गये हैं या किये जायें; (ज) ‘‘सेवा-पूजा’’ से ऐसी सभी प्रकार की सेवा, उपासना, धार्मिक कृत्य और धार्मिक पूजा जो मंदिर में परम्परानुसार की जाती है, अभिप्रेत है।
4. Vesting of property
सम्पत्ति का निहित होना:- मंदिर का, और समस्त चढ़ावों को जो कि चढ़ाये गये हैं या इसके पश्चात चढ़ाये जायें, सम्मिलित करते हुए उसके समस्त विद्य्यासों का तथा मंदिर निधि का स्वामित्व मंदिर के देवता में निहित होगा।
5. Vesting of administration in Board
प्रशासन का बोर्ड में निहित होना:-
- (1) मंदिर का, और उसके समस्त चढ़ावों को जो कि चढ़ाये गये हैं या इसके पश्चात चढ़ाये जायें, सम्मिलित करते हुए उसके समस्त विद्य्यासों का प्रशासन, प्रबंध और शासन अधिनियम के अधीन गठित बोर्ड में निहित होगा।
- (2) बोर्ड श्री सांवरियाजी मंदिर बोर्ड के नाम से शाश्वत उत्तराधिकार वाला और सामान्य मुद्रा वाला एक निगमित निकाय होगा और उसे जांगम और स्थावर दोनों प्रकार की सम्पत्ति अर्जित और धारित करने की शक्ति होगी तथा वह उक्त नाम से वाद ला सकेगा अथवा उस पर वाद लाया जा सकेगा।
6. Constitution of Board
बोर्ड की संरचना:-
- (1) बोर्ड में अध्यक्ष, चित्तौड़गढ़ जिले का कलक्टर, देवस्थान आयुक्त, मुख्य कार्यपालक अधिकारी और सात अन्य सदस्य होंगे।
- (2) राज्य सरकार निम्नलिखित आठ सदस्यों को नामनिर्देशित करेगी -
- (i) ऐसे तीन व्यक्ति, जो हिन्दू धर्म या संस्कृति की, विशेष रूप से वैष्णव सम्प्रदायान्तर्गत, सेवा करने में विशिष्ट रहे हों;
- (ii) ऐसे तीन व्यक्ति, जो प्रशासन, विधिक मामलों और शासकीय मामलों में विशिष्ट रहे हों;
- (iii) राजस्थान राज्य के दो अग्रगण्य हिन्दू; और
- (iv) बोर्ड का नामनिर्देशन करते समय, जहां तक साध्य हो, विद्य्यास विलेख में अभिव्यक्त, मंदिर के आसपास के मंडफिया सहित सोलह गांवों के प्रतिनिधित्व की स्थापित परम्परा का निर्वाह किया जायगा और अध्यक्ष सहित कम से कम तीन सदस्य, अनुसूची में उल्लिखित गांवों के निवासियों में से होंगे। राज्य सरकार इस प्रकार से नामनिर्दिष्ट सदस्यों में से एक को बोर्ड का अध्यक्ष नामनिर्देशित करेगी।
- (3) कोई व्यक्ति बोर्ड के अध्यक्ष या सदस्य के रूप में नामनिर्देशन के लिए पात्र तब नहीं होगा यदि -
- (i) वह विकृत चित्त का हो और किसी सक्षम न्यायालय द्वारा ऐसा घोषित किया जा चुका हो, या
- (ii) वह किसी ऐसे अपराध के लिए सिद्धदोष ठहराया गया हो जिसमें नैतिक अधमता अन्तर्वलित हो, या
- (iii) उसने दिवालिया न्यायनिर्णीत किये जाने के लिए आवेदन किया हो या वह अनुन्मोचित दिवालिया हो, या
- (iv) वह अवयस्क हो या बहरा-गूंगा हो या कुष्ठ रोग से पीड़ित हो, या
- (v) वह मंदिर का पदाधिकारी या सेवक हो या मंदिर से कोई उपलब्धियां या परिलाभ प्राप्त करता हो, या
- (vi) वह मंदिर के लिए किसी सामग्री का कोई प्रदाय करने या मंदिर की ओर से कोई कार्य निष्पादित करने सम्बन्धी किसी विद्यमान संविदा में, या मंदिर के पक्षित या विपक्षित के वकील के रूप में हितबद्ध हो, या
- (vii) वह हिन्दू धर्म को नहीं मानता हो।
- (4) कलक्टर और देवस्थान आयुक्त बोर्ड के पदेन सदस्य होंगे।
- (5) मुख्य कार्यपालक अधिकारी बोर्ड का पदेन सदस्य-सचिव होगा।
7. Term of office of members
सदस्यों की पदावधि:- बोर्ड के पदेन सदस्यों से भिन्न सदस्य धारा 9, 9 और 11 के उपबन्धों के अध्यधीन, उनके नामनिर्देशन की तारीख से तीन वर्ष की कालावधि तक पद धारण करेंगे: परन्तु पद छोड़ने वाले सदस्य बोर्ड का पुनर्गठन होने तक पदधारण किये रहेंगे।
8. Resignation of office
पद का त्याग:- बोर्ड के पदेन सदस्यों से भिन्न कोई भी सदस्य राज्य सरकार को लिखित नोटिस देकर अपने पद को त्याग सकेगा और इस प्रकार पद-त्याग किये जाने पर उसका पद रिक्त हो जायेगा।
9. Removal of members
सिस्यों का हटाया जािा:-
- (1) राज्य सरकार बोडच के पदेन सदस्यों से वभदन वकसी भी सदस्य को वनमनवलवित आिारों में से वकसी पर भी पद से हटा सकेगी, अथाचत - (क) िह िारा 6 की उप-िारा
- (3) में विवनवदचष्ट कारणों में से वकसी भी कारण से ऐसी वनय ु वक्त के वलए वनरवहचत है या हो गया है, या (ि) िह अन ु पवस्थवत के वलए इजाजत प्राप्त वकये वबना बोडच की लगातार चार से अविक बैिकों में अन ु पवस्थत रहा है, या (ग) िह विदयास के प्रशासन में भ्रष्टाचार या अिचार का दोषी रहा है।
- (2) कोई भी व्यवक्त इस िारा के अिीन तब तक नहीं हटाया जायेगा जब तक वक उसे हटाये जाने के विरूद्ध कारण बताने का य ु वक्तय ु क्त अिसर न दे वदया गया हो।
10. Filling of casual vacancy
आकलस्मक ररलि का भरा जािा: यवद अध्यषित का या पदेन सदस्य से वभदन वकसी भी सदस्य का पद म ृ त्य ु , पदत्याग, हटाये जाने के कारण या अदयथा आकवस्मक रूप से ररक्त हो गया हो तो राज्य सरकार उस ररक्त पद को ऐसे व्यवक्तयों की वनय ु वक्त करके भरेगी जो िारा 6 की उप-िारा
- (3) के अिीन वनरवहचत न हो।
11. Dissolution and reconstitution of Board
बोर्ड का लवघटि और प ु िगडठि:-
- (1) यवद राज्य सरकार की राय में, बोडच उस पर इस अविवनयम के अिीन अविरोवपत कतचव्यों का पालन करने में सषितम न हो या बराबर व्यवतक्रम करता हो या अपनी शवक्तयों का अवतक्रमण या द ु रूपयोग करे या राज्य सरकार वारा जारी वकये गये वनदेशों का अन ु पालन करने में वििल रहे तो राज्य सरकार समयक ् जा ां च के पश्चात ् राज-पषित में अविस ू चना वारा बोडच का विघटन कर सकेगी और इस अविवनयम के उपब ां िों के अन ु सार एक अदय बोडच के त ु रदत प ु नगचिन का वनदेश दे सकेगी।
- (2) उप-िारा
- (1) के अिीन अविस ू चना जारी करने के प ू िच राज्य सरकार बोडच को उन आिारों से स ां स ू वचत करेगी वजन पर उसका ऐसी कारचिाई करने का प्रस्ताि हो, बोडच के वलए ऐसे प्रस्ताि के विरूद्ध कारण बतलाने का य ु वक्तय ु क्त समय वनयत करेगी और यवद उसके कोई स्पष्टीकरण या आषितेप हों, तो उन पर विचार करेगी।
- (3) जब बोडच का इस िारा के अिीन विघटन हो जाये तब राज्य सरकार इस अविवनयम के उपब ां िों के अन ु सार अदय बोडच का गिन होने तक, बोडच के क ृ त्यों का पालन और शवक्तयों का प्रयोग करने के वलए वकसी व्यवक्त को वनय ु क्त करेगी।
12. Eligibility of persons for re-appointment
प ु िलिडय ु लि के लिए व्यलियों की पात्रता:- ऐसा कोई भी व्यवक्त जो सदस्य न रह गया हो, यवद िारा 6 की उप-िारा
- (3) के अिीन वनरवहचत न हो तो प ु नवनचय ु वक्त के वलए पात्र होगा।
13. Liability for loss, etc
हालि इत्यालि के लिए िालयत्व:- बोडच का प्रत्येक सदस्य, वजसमें अध्यषित भी सवममवलत हैं, विदयास की या उसका गिन करने िाली वकसी भी िनरावश या अदय समपवत्त की हावन, द ु व्र्यय या द ु विचवनयोग के वलए दायी होगा। यवद ऐसी हावन, द ु व्र्यय या द ु विचवनयोग उसके वारा पद-िारण वकये जाने के क्रम में जानब ू झकर वकये गये उसके कायच या लोप का सीिा पररणाम हो और उसके विरूद्ध बोडच वारा या राज्य सरकार वारा प्रवतकर के वलए िाद स ां वस्थत वकया जा सकेगा।
14. Remuneration of members
सिस्यों का पाररश्रलमक:- बोडच का प्रत्येक सदस्य, वजसमें अध्यषित भी सवममवलत है, म ां वदर की वनवियों में से ऐसा यात्रा-भत्ता और विराम-भत्ता पाने का हकदार होगा जो विवहत वकया जाय।
15. Office and meetings of Board
बोर्ड का कायाडिय और उसकी बैठकें:-
- (1) बोडच का कायाचलय वचत्तौड़गढ़ वजले में वस्थत मण्डविया में होगा।
- (2) बोडच की बैिक की गणप ू वतच के वलए पा ां च सदस्यों की उपवस्थवत आिश्यक होगी।
- (3) बोडच की प्रत्येक बैिक का सभापवतत्ि अध्यषित वारा और उसकी अन ु पवस्थवत में ऐसे सदस्य वारा वकया जायेगा वजसे सभापवतत्ि के वलए उस अिसर पर उपवस्थत सदस्यों वारा च ु ना जाय।
- (4) बोडच की बैिक में उत्पदन ह ु ए प्रश्नों का विवनश्चय, उपवस्थत और मत देने िाले सदस्यों के बह ु मत से वकया जायेगा और मतों की बराबरी िाले प्रत्येक मामले में अध्यषित को या सभापवतत्ि करने िाले व्यवक्त को वनणाचयक मत देने का अविकार होगा और िह उसका प्रयोग करेगा।
16. Acts not to be invalidated by reason of error or vacancy
त्र ु लट या ररलि के कारण कायों का अलवलिमादय ि होिा:- बोडच का या बोडच के अध्यषित या सदस्य के रूप में कायच करने िाले वकसी भी व्यवक्त का कोई भी कायच या कायचिाही केिल इस कारण से वक बोडच के वकसी सदस्य का पद ररक्त है या बोडच के गिन में कोई त्र ु वट है या इस आिार पर वक बोडच का अध्यषित या कोई भी सदस्य, वकसी भी वनरहचता के कारण या उसकी वनय ु क्त में कोई भी अवनयवमतता या अिैिता होने के कारण, पदिारण करने या पद पर बने रहने का हकदार नहीं था, अविविमादय नहीं समझी जायेगी।
17. Duties of Board
बोर्ड के कतडव्य:- इस अविवनयम और इसके अिीन बनाये गये वनयमों के उपब ां िों के अध्यिीन, बोडच, म ां वदर के विदयास वजनमें ज ां गम और स्थािर, दोनों प्रकार की समपवत्तया ां सवममवलत है, आयों, भेंटों और चढ़ािों का म ां वदर के स्थावपत वसद्धादतों के अन ु सार आनि ां वशक, प ु जाररयों के वारा सेिा-प ू जा का और म ां वदर के लौवकक कमों का प्रबदि करेगा। बोडच म ां वदर में दैवनक िावमचक प ू जा करने और समयोत्सि मनाने के वलए व्यिस्था और अन ु दानों का स ु वनश्चयन भी करेगा: Provided that राज्य सरकार को बोडच को उसके कतचव्यों के अन ु पालन के बारे में विवनवदचष्ट वनदेश जारी करने की शवक्त होगी और बोडच ऐसे वनदेशों का अन ु पालन करेगा।
18. Saving of established customs and usages
स्थालपत प्रथाओ ां और रूलियों की व्याव ृ लि:- इस अविवनयम में या इसके अिीन जैसा वक अवभव्यक्ततः अदयथा उपब ां वित है उसे छोड़कर, इसमें अ ां तविचष्ट वकसी भी बात का प्रभाि म ां वदर की वकसी भी स्थावपत प्रथा या ऐसे अविकारों, सममानों, उपलवधियों या पररलवधियों पर नहीं पड़ेगा वजनके वक वलए कोई भी व्यवक्त म ां वदर में रूवढ़ से या अदयथा हकदार हो, वजसमें प ु जाररयों के, सीिे आरती, चढ़ािे तथा समारोहों के मावसक िाद्य चढ़ािे भी प्राप्त करने के आन ु िां वशक अविकार सवममवलत हैं।
19. Alienation of movable and immovable properties
ज ां गम और स्थावर सम्पलियों का अदय स ां क्रामण:-
- (1) वजन रत्नाभ ू षणों या अविनश्वर प्रक ृ वत की वकसी भी म ू लयिान ज ां गम समपवत्त का प्रशासन बोडच में वनवहत हो उनका अ ां तरण बोडच की प ू िच म ां ज ू री के वबना नहीं वकया जायेगा और यवद अ ां तररत की जाने िाली समपवत्त का म ू लय दस हजार रुपये से अविक हो तो राज्य सरकार का प ू िच अन ु मोदन भी आिश्यक होगा।
- (2) म ां वदर से स ां लग्न या समबद्ध कोई भी स्थािर समपवत्त राज्य सरकार की प ू िच म ां ज ू री के वबना पा ां च से अविक िषों के वलए पट्टे पर नहीं दी जायेगी, न ब ां िक रिी, बेची या अदयथा अदयस ां क्रा ां त की जायेगी।
20. Chief Executive Officer
म ु ख्य कायडपािक अलिकारी:-
- (1) राज्य सरकार ऐसे वकसी भी व्यवक्त को म ां वदर का म ु ख्य कायचपालक अविकारी वनय ु क्त करेगी जो वहदद ू िमच को मानता हो।
- (2) म ु ख्य कायचपालक अविकारी म ां वदर का प ू णचकावलक अविकारी होगा और उसे म ां वदर की वनवि में से ऐसा िेतन स ां दत्त वकया जािेगा जो राज्य सरकार समय-समय पर वनयत करे।
- (3) म ु ख्य कायचपालक अविकारी की सेिा की अदय शतें ऐसी होगी जो राज्य सरकार वारा अििाररत की जायें।
- (4) बोडच के वनय ां त्रण के अध्यिीन, म ु ख्य कायचपालक अविकारी को, इस अविवनयम के उपबदिों को कायाचवदित करने के वलए सािारण शवक्त प्राप्त होगी।
- (5) िह बोडच के सवचि के रूप में भी कायच करेगा।
21. Powers and duties of Chief Executive Officer
म ु ख्य कायडपािक अलिकारी की शलिया ां और कतडव्य:-
- (1) ऐसे वनदेशों के अध्यिीन, जो समय-समय पर जारी वकये जाये, म ु ख्य कायचपालक अविकारी म ां वदर के समस्त अवभलेिों और समपवत्तयों की अवभरषिता के वलए उत्तरदायी होगा और म ां वदर में आये चढ़ािे के उवचत स ां ग्रहण की व्यिस्था करेगा।
- (2) उसे वनमनवलवित शवक्तया ां प्राप्त होगी:-
- (i) म ां वदर की जो भ ू वम और भिन सामादयतः पट्टे पर वदये जाते हैं, उदहें तीन िषच से अनविक की कालािवि के वलए पट्टे पर देना, और
- (ii) वनमाचण कायों और प्रदायों के वलए वनविदाए ां मा ां गना और यवद उनकी रकम या म ू लय पा ां च हजार रुपये से अविक न हो तो उदहें स्िीकार करना।
- (3) म ु ख्य कायचपालक अविकारी, आपात वस्थवत में, ऐसे वकसी भी वनमाचण-कायच के वनष्ट्पादन या ऐसे वकसी भी कायच के वकए जाने का वनदेश दे सकेगा वजसके वलए िषच के बजट में उपबदि नहीं वकया गया हो और वजसका तत्काल वनष्ट्पादन होना या वकया जाना उसकी राय में म ां वदर की समपवत्तयों के परररषितण के वलए या िहा ां आने-जाने िाले यावत्रयों की सेिा या स ु रषिता के वलए आिश्यक हो और िह यह भी वनदेश दे सकेगा वक ऐसे वनमाचण कायच के वनष्ट्पादन या ऐसे कायच के वकये जाने के कारण ह ु आ व्यय म ां वदर की वनवि में से स ां दत्त वकया जायेगा। ऐसे प्रत्येक मामले में म ु ख्य कायचपालक अविकारी इस प्रकार की गयी कारचिाई और उसके वकये जाने के कारणों की ररपोटच त ु रदत बोडच को देगा।
- (4) म ु ख्य कायचपालक अविकारी ऐसे अदय कतचव्यों का पालन करेगा जो बोडच वारा विवहत वकये जायें और ऐसी अदय शवक्तयों का प्रयोग करेगा जो उसे बोडच वारा प्रत्यायोवजत की जाए।
22. Other officers and servants
अदय अलिकारी और सेवक:- राज्य सरकार वारा जारी वकये गये वकदहीं भी सािारण या विशेष वनदेशों के अध्यिीन बोडच म ु ख्य कायचपालक अविकारी से वभदन अपने समस्त अविकाररयों और सेिकों को, राज्य सरकार वारा बनाये गये वनयमों के अन ु सार, वनय ु क्त कर सकेगा, वनलवमबत कर सकेगा, हटा सकेगा, पदच्य ु त कर सकेगा या पदािनत कर सकेगा या वकसी भी प्रकार से दवण्डत कर सकेगा: Provided that बोडच उपय ु चक्त के अध्यिीन यह वनदेश दे सकेगा वक एक व्यवक्त को वकदहीं भी दो या अविक पदों के कतचव्यों का वनिचहण करने के वलए वनय ु क्त वकया जािेगा।
23. Budget
बजट:-
- (1) बोडच अपने पद का कायचभार स ां भालने के तीन मास के भीतर और तत्पश्चात प्रत्येक शासकीय िषच के प्रारमभ से कम से कम एक मास प ू िच उत्तरिती िषच का बजट तैयार करेगा या करिायेगा और िषच के प्रारमभ के प ू िच उस पर वकसी बैिक में विचार करके उसे पाररत करेगा।
- (2) इस प्रकार पाररत बजट की एक प्रवत राज्य सरकार को भेजी जायेगी वजसें उसमें पररितचन, उपादतरण या कमी या ि ृ वद्ध करने का अविकार होगा और राज्य सरकार के वारा इस प्रकार अन ु मोवदत बजट बोडच का उस वित्तीय िषच का बजट होगा।
24. Accounts
िेखे:-
- (1) बोडच, प्रत्येक शासकीय िषच की समावप्त से छः मास के भीतर प ू िचिती िषच के वलए म ां वदर के प्रशासन के समबदि में ह ु ई प्रावप्तया ां और व्यय के सही-सही लेिे तैयार करेगा।
- (2) ऐसे लेिों की स ां परीषिता एक स ां परीषितक वारा की जायेगी जो राज्य सरकार वारा वनय ु क्त वकया जायेगा और उस स ां परीषितक को म ां वदर की वनवि में से वदया जाने िाले पाररश्रवमक भी राज्य सरकार ही वनयत करेगी।
- (3) स ां परीषितक अपनी ररपोटच बोडच को प्रस्त ु त करेगा और उसकी एक प्रवत राज्य सरकार को भेजेगा।
- (4) राज्य सरकार स ां परीषितक की ररपोटच पर या अदयथा ऐसे वनदेश दे सकेगी, और ऐसे आदेश पाररत कर सकेगी, जो िह िीक समझे और बोडच उदहें कायाचवदित करेगा।
25. Administration report
प्रशासि ररपोटड:-
- (1) बोडच, म ां वदर के कामकाज और उसके विदयासों के प्रशासन के समबदि में एक ररपोटच प्रवतिषच तैयार करेगा और िषच की समावप्त के छः माह के भीतर-भीतर उसे राज्य सरकार को प्रस्त ु त करेगा।
- (2) उक्त ररपोटच म ां वदर के लेिों के और स ां परीषितक की तत्समबदिी ररपोटच के साथ राज-पत्र में प्रकावशत की जायेगी।
26. Power of State Government to call for information and accounts
स ू चिा और िेखे मा ां गिे को राज्य सरकार की शलि:- राज्य सरकार को ऐसी समस्त स ू चना और लेिे मा ां गने की शवक्त होगी जो उसकी राय में उसका इस बारे में समािान करने के वलए य ु वक्तय ु क्त रूप से आिश्यक हो वक म ां वदर के कामकाज का प्रशासन उवचत रूप से वकया जा रहा है और म ां वदर की वनवियों को उसी प्रयोजन के वलए समयक ् रूप से विवनयोवजत वकया जा रहा है वजसके वलए िे हैं; और बोडच ऐसी अध्यपेषिता पर, ऐसी स ू चना और लेिे राज्य सरकार को त ु रदत प्रस्त ु त करेगा।
27. Inspection
लिनरीिण:- राज्य सरकार वकसी भी व्यवक्त को मांवदर और उसके विदयासों से समबवदित वकसी भी जांगम या स्थािर समपवत्त, अवभलेि, पत्र-व्यिहार, योजनाओां, लेिों और अदय दस्तािेजों का वनरीषितण करने के वलए प्रवतवनयुकत कर सकेगी और बोडच तथा उसके अविकारी और सेिक ऐसे व्यवक्तयों को ऐसे वनरीषितण के वलए सभी सुवििाएां देने के वलए बाध्य होंगे।
28. Purposes for which funds of Temple may be used
वे प्रयोजि, लजिके लिए मांलिर की लिलि का उपयोग लकया जा सके गा:-
- (1) मांलिर की वनवियों का उपयोग वनमनवलवित समस्त या उनमें से वकसी भी प्रयोजन के वलए वकया जा सकेगा, अथाात् -
- (i) मांलिर का प्रशासन और रि-रिाि तथा उसमें दैवनक पूजा और िावमचक कमच करना तथा उत्सि मनाना;
- (ii) माांलिर में आने वाले यावत्रयों और पूजा करने वालों की सहायता के वलए अस्पताल और औषिालय खोलना और उनका रि-रिाि और अदय शैषितवणक तथा पूच प्रयोजन वजनमें मावसक िाद्य चढ़ािे सवममवलत हैं;
- (iii) ऐसे यावत्रयों और पूजा करने वालों के उपयोग तथा आिास सुवििा के वलए िमचशालाओं और विश्राम-गृहों का वनमाचण और रि-रिाि;
- (iv) उनमें जलप्रदाय और स्िच्छता समबदिी अदय प्रबदिों की व्यिस्था करना;
- (v) वकसी भी समपवत्त का राज्य सरकार वारा प्राविकृत अजचन; और
- (vi) यावत्रयों और पूजा करने वालों की सुवििा के वलए सड़कों और सांचार-सािनों का वनमाचण और रि-रिाि तथा उनमें प्रकाश की व्यिस्था करना।
- (2) उप-िारा
- (1) में वनवदचष्ट प्रयोजनों पर प्रवतकूल प्रभाि डाले वबना, बोच, राज्य सरकार की पूच मांजूरी से यह आदेश दे सकेगा वक माांलिर की अविशेष वनवियों का उपयोग वनमनवलवित प्रयोजनों के वलए वकया जाये -
(क) ऐसी सांस्थाए संस्थापत करना वजनमें वहददू िमच, दशचन और शास्त्रों के अध्ययन के वलए और भारतीय कला तथा सांस्कृति की अभिवृवद्ध के वलए विशेष व्यिस्था हो;
(ि) सांस्कृत और वहददी के अध्ययन की अभिवृवद्ध करना; (ग) अस्पताल या कोढ़ी आश्रम की स्थापना और रि-रिाि करना। (घ) ऐसे वनरावश्रत व्यवक्तयों के वलए जो शरीर से असमथच तथा असहाय हो, दीनगृह का वनमाचण और रि-रिाि करना; और (ङ) ऐसे कोइ भी पूतच, िावमचक या शैषितवणक प्रयोजन जो माांलिर के उद्देश्यों से असांगत न हो।
- (3) उप-िारा
- (2) के अिीन वकया गया बोच का आदेश विवहत रीवत से प्रकावशत वकया जायेगा।
29. Power to make rules
लियम बिािे की शलि:-
- (1) राज्य सरकार इस अविवनयम के समस्त या वकसी भी प्रयोजन को कायाचवदित करने के वलए, इससे सांगत वनयम बना सकेगी।
- (2) विवशष्टतः और पूचगामी शवक्त को व्यापकता पर प्रवतकूल प्रभाि डाले वबना, उसे वनमनवलवित बातों के समबदि में वनयम बनाने की शवक्त होगी:- (क) ऐसे समस्त मामले, वजनका वनयमों वारा विवहत या उपबवदित वकया जाना इस अध्यादेश के वकसी भी उपबदि के अिीन स्पष्टतः अपेवषितत या अनुज्ञात हो या है; (ि) बोच के सदस्यों को यात्रा और विराम भत्ता वदया जाना; (ग) माांलिर के वलए बजट अनमुान तैयार करना; (घ) सािचजवनक वनमाचण कायों के समबदि में और प्रदायों के वलए अनुमानों को तैयार और मांजर करना तथा वनविदाए स्वीकार करना; (ङ) बोच की बैठकें बुलाना और कायच करना; (च) माांलिर के लेखों का सांपरीषिता और सांपरीषिता ररपोटच में उवललवित की जाने वाली विवशष्टयाां; (छ) राज्य सरकार वारा वनयुक्त सांपरीषिकों को सांदये रकमों की िसूली; और (ज) माांलिर के अविकाररयों और सेवकों की सेवा की शर्तें।
- (3) इस अविवनयम के अिीन कोई भी वनयम इस प्रकार बनाया जा सकेगा वजससे उसका ऐसी तारीि से भूतलषिती प्रभाि हो जो इस अविवनयम के प्रारमभ की तारीि के पूच की न हो और वजसे राज्य सरकार राज-पत्र में अविसूचना वारा वनयत करें।
- (4) इस अविवनयम के अिीन बनाये गये वनयम राज्य वििान-मण्डल के समणि उसके ठीक आगामी सत्र में रिे जायेंगे।
30. Suits
वाि:-
- (1) राज्य सरकार वनमनवलवित की वडक्री प्राप्त करने के वलए वजला नयायािीश के नयायालय में वाि प्रस्तुत कर सकेगी:- (क) बोच में कोई भी समपवत्त वनवहित करने के वलए, या (ि) इस घोषणा के वलए वक वकसी विदयास का या उसमें के हित का वकतना भाग वकसी भी विवशष्ट विषय के वनवमत्त आांवटत वकया जाये, या (ग) लेखे देने का वनदेश देने के वलए, या (घ) ऐसी और या अदय राहत के वलए, जैसी वक मामले की प्रकृति वारा अपेवषितत हो।
- (2) ससविल प्रवक्रया सांहत, 1908 (1908 का केद्रीय अविवनयम 5) की धारा 92 और 93 और उसकी प्रथम अनुसूचि के आर्डर 1 के वनयम 8 ऐसे वकसी भी वाि पर लागू नहीं होेेंगे वजसमें माांलिर के प्रशासन या प्रबदि के बारे में राहत पाने के वलए दावा वकया जाये और ऐसे प्रशासन या प्रबदि के बारे में कोई भी वाि इस अविवनयम वारा जैसा उपबदि है उसके सिाय सांवस्थत नहीं वकया जायेगा।
31. Resistance or obstruction to obtain possession
कब्जा प्राप्त करिे में प्रलतरोि या बािा:- यदि माांलिर की ऐसी समपवत्तयों पर, वजनके वलए बोच वारा 4 के अिीन हकदार है, कधजा प्राप्त करते समय बोच का, वकसी भी व्यवक्त वारा प्रवतरोि वकया जाये या उसमें बािा डाली जाये तो यह अविकाररता रिने वाले मवजस्रेट के पास, ऐसे प्रवतरोि या बािा की वशकायत करते हुए, आिेदन प्रस्तुत कर सकेगा और ऐसा मवजस्रेट, जब तक उसे इस बात का समाधान न हो जाये वक प्रवतरोि या बािा वकसी ऐसे व्यवक्त वारा डाली गयी थी जो सद्भािपूचक उस पर अपनी ओर से या माांलिर से स्वतंत्र अपने वकसी भी अविकार के कारण अपना कधजा होने का दावा करता हो, यह आदेश देगा वक बोच को कधजा दे वदया जाये। ऐसा आदेश वकसी ऐसे वाि के पररणाम के अिीन अांतिम होगा जो वक समपवत्त पर कधजे का अविकार स्थावपत करने के वलए लिया जाये।
32. Expenses for suits, etc
वाि आलि के व्यय:- इस अविवनयम के अिीन के वकसी भी वाि, आिेदन पत्र या अपील के और उससे आनुषांगिक व्यय, प्रभार और िचे नयायालय के वििेक पर वनभचर करेंगे जो ऐसे सम्पूणच िचे, प्रभार और व्यय या उनका कोई भी भाग माांलिर की वनवि में से पूरा वकये जाने या ऐसी रीवत से और ऐसे व्यवक्त वारा िहन और सांदये वकये जाने के वलए वनदेश दे सकेगा, जैसा यह उवचत समझे: Provided that माांलिर के हित में अपेवषितत वकदहीं भी विविक कायचवाहियों के समबदि में बोच वारा उपगत सम्पूणच व्यय और िचे माांलिर की वनवियों में से सांदये होंगे।
33. Transitional provisions
अांत:कािीि उपबदि:- राज्य सरकार, इस अविवनयम के प्रारमभ के पश्चात और बोच के गठन के पूच, एक या अविक व्यवक्तयों को बोच के समस्त या वकदहीं भी कतचव्यों का पालन करने के वलए वनयुक्त कर सकेगी।
34. Power to remove difficulties
कलठिाईयों को िूर करिे की शलि:- यदि इस अविवनयम के वकदहीं भी उपबदिों को प्रभािी करने में कोई भी कविनाई उत्पन हो तो राज्य सरकार आदेश वारा ऐसे वनदेश दे सकेगी और ऐसे उपबदि कर सकेगी जो उसे कविनाई दूर करने के प्रयोजन के वलए आवश्यक प्रतीत हों।
35. Immunity of Board
बोर्ड की उदमुलि:- राज्य सरकार की पूच स्वीकृति के वबना, बोच या बोच के वनदेश के अिीन कायच करने वाले वकसी भी व्यवक्त के या बोच या उसके वकसी भी वनकाय के अध्यषित, सदस्य या वकसी भी अविकारी या सेवक के विरूद्ध ऐसी वकसी भी बात के वलए कोई वाि, अवभयोजन या अदय विविक कायचवाही नहीं हो सकेगी जो इस अविवनयम के अिीन विविपूचक और सद्भािपूचक और सम्यक साििानी और ध्यान से की गयी हो।
36. Repeal and savings
लिरसि और व्यावृलियाां:-
- (1) श्री साांवलयाजी माांलिर अध्यादेश, 1991 (1991 का अध्यादेश सां. 10) इसके वारा वनरवसत वकया जाता है।
- (2) ऐसे वनरसन के होने पर भी, उक्त अध्यादेश के अिीन की गयी सभी बातें, कायचवाहियां या आदेश मूल अविवनयम के अिीन वकये गये समझे जायेंगे।
I. List of villages
अनुसूची मण्र्लिया लस्थत श्री साांवलियाजी के मलदिर के अििा गांवों के नाम 1. मण्डविया वस्थत श्री साांिवलयाजी का मवददर 2. भतूतिेड़ा 3. घोड़ा िेड़ा 4. वगद्दा िेड़ा 5. मातोली गूजरां 6. करोली 7. रदाई िेड़ा 8. बवलया िेड़ा 9. रूपाजी का िेड़ा 10. मोडाजी का िेड़ा 11. सेगिा 12. कुरेिा 13. अमरपूरा 14. चरवलया 15. नाडा िेड़ा 16. टांडी का िेड़ा।
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List of villages
अनुसूची मण्र्लिया लस्थत श्री साांवलियाजी के मलदिर के अििा गांवों के नाम
1. मण्डविया वस्थत श्री साांिवलयाजी का मवददर 2. भतूतिेड़ा 3. घोड़ा िेड़ा 4. वगद्दा िेड़ा 5. मातोली गूजरां 6. करोली 7. रदाई िेड़ा 8. बवलया िेड़ा 9. रूपाजी का िेड़ा 10. मोडाजी का िेड़ा 11. सेगिा 12. कुरेिा 13. अमरपूरा 14. चरवलया 15. नाडा िेड़ा 16. टांडी का िेड़ा।