section 21
Powers and duties of Chief Executive Officer
Shri Sanwaliaji Temple Act, 1992General199237 sections
Statutory text
म ु ख्य कायडपािक अलिकारी की शलिया ां और कतडव्य:-
- (1) ऐसे वनदेशों के अध्यिीन, जो समय-समय पर जारी वकये जाये, म ु ख्य कायचपालक अविकारी म ां वदर के समस्त अवभलेिों और समपवत्तयों की अवभरषिता के वलए उत्तरदायी होगा और म ां वदर में आये चढ़ािे के उवचत स ां ग्रहण की व्यिस्था करेगा।
- (2) उसे वनमनवलवित शवक्तया ां प्राप्त होगी:-
- (i) म ां वदर की जो भ ू वम और भिन सामादयतः पट्टे पर वदये जाते हैं, उदहें तीन िषच से अनविक की कालािवि के वलए पट्टे पर देना, और
- (ii) वनमाचण कायों और प्रदायों के वलए वनविदाए ां मा ां गना और यवद उनकी रकम या म ू लय पा ां च हजार रुपये से अविक न हो तो उदहें स्िीकार करना।
- (3) म ु ख्य कायचपालक अविकारी, आपात वस्थवत में, ऐसे वकसी भी वनमाचण-कायच के वनष्ट्पादन या ऐसे वकसी भी कायच के वकए जाने का वनदेश दे सकेगा वजसके वलए िषच के बजट में उपबदि नहीं वकया गया हो और वजसका तत्काल वनष्ट्पादन होना या वकया जाना उसकी राय में म ां वदर की समपवत्तयों के परररषितण के वलए या िहा ां आने-जाने िाले यावत्रयों की सेिा या स ु रषिता के वलए आिश्यक हो और िह यह भी वनदेश दे सकेगा वक ऐसे वनमाचण कायच के वनष्ट्पादन या ऐसे कायच के वकये जाने के कारण ह ु आ व्यय म ां वदर की वनवि में से स ां दत्त वकया जायेगा। ऐसे प्रत्येक मामले में म ु ख्य कायचपालक अविकारी इस प्रकार की गयी कारचिाई और उसके वकये जाने के कारणों की ररपोटच त ु रदत बोडच को देगा।
- (4) म ु ख्य कायचपालक अविकारी ऐसे अदय कतचव्यों का पालन करेगा जो बोडच वारा विवहत वकये जायें और ऐसी अदय शवक्तयों का प्रयोग करेगा जो उसे बोडच वारा प्रत्यायोवजत की जाए।
Study data processing for this section.
PDF: pending for this language.