section 7
धारा 6 के अधीन की गई मध्यपेक्षा की प्रवक्षा करने के लिये शासति
The Madhya Pradesh Sthaniya Nidhi Samparikha Adhiniyam, 1973(1) कोई भी व्यक्ति, जो धारा 6 की उपधारा (1) के खण्ड (क) था खण्ड (ख) के अधीन उससे विधि पूर्वक की गई किसी मध्यपेक्षा का अनुपालन करने में जानबूझकर उपेक्षा करेगा या उस मध्यपेक्षा का अनुपालन करने से जानबूझकर इंकार करेगा किसी मजिस्ट्रेट के समक्ष दोषसिद्धि पर ऐसे जुर्माने के दायित्वाधीन होगा जो पांच सौ रुपये तक का हो सकेगा। (2) इस धारा के अधीन कोई भी कार्यवाही संचालक की लिखित मंजूरी के बिना संस्थित नहीं की जायगी। (3) उपधारा (2) के अधीन ऐसी, मंजूरी देने के पूर्व, संचालक उस व्यक्ति से, जिसके विरुद्ध कार्यवाही संस्थित की जाती है, यह अपेक्षा करेगा कि वह यह हेतु दर्शाये कि ऐसी मंजूरी क्यों न दे दी जाय। (4) प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट के न्यायालय से निम्न वर्ग का कोई भी न्यायालय इस अधिनियम के विरुद्ध किसी अपराध का विचारण नहीं करेगा।
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