section 22
Penalty
The Jharkhand Apartment (Regulation and Title of Property) Act, 2005Chapter II Chapter II
शािःत :- (1)इस अिधिनयम के उपबंधों के अध्यधीन, यिद िकसी अपाटर्मेंट का ःवामी- (क) अिधिनयम के िकन्ही ं उपब ंधों का या (ख) िकसी उप-िविधयों का, जो सक्षम ूािधकारी द्वारा बनाई जाय, अथवा (ग) घोषणा में उपिणर्त िकसी ूसंिवदा, शतर् या िनबं धन का, िजसक े अध्यधीन वह हो अथवा पक्षकार हो अथवा यिद ऐसा ःवामी इस अिधिनयम के उपबंधों के अधीन सं पित्त को समिपर्त करने में अड़चन डालता हो और इस अिधिनयम की धारा-15 के उपबंधों तथा इस अिधिनयम के अधीन बनाई गयी िनयमावली के अनुसार घोषणा के िनंपादन के िलए यथोप ेिक्षत िविशिष्टया ं या कागजात ूःतुत नहीं करता हो, तो वह अपाटर्मेंट ःवामी सं गम या व्यिथत ःवामी की ओर से ूबंधक अथवा ूबंधक बोडर् की ूे रणा से अथवा, समुिचत मामले में, सक्षम पदािधकारी, मिजःशेट के समक्ष दोष िसिद्ध होने पर या तो एक वषर् की अविध तक के कारावास की सजा अथवा पांच हजार रूपये तक के जु मार्ने का अथवा दोनों का दायी होगा, तथा उल्लंघन िकये जाने से जब तक ऐसा उल्लंघन जारी रहता है तबतक हरेक िदन के िलए दो सौ रूपया तक का अितिरक्त जु मार्ना का भी दायी होगा।
- (2) उप धारा
- (1) के अधीन दण्डनीय कोई उल्लंघन होने पर, जहाँ अिभयोजन होता हो, अथवा अपाटर्मेंट-ःवामी-सं गम की ओर से ूबंधक अथवा ूबंधन बोडर् की ूे रणा से सं िःथत िकया जाता हो, वहाँ ऐसे सं गम द्वारा ऐसे अिभयोजन के सं िःथत होने के पूवर् अथवा बाद मे, उस रािश का िजताना उिचत िवचार िकया जाय इसके कोष में भु गतान िकये जाने या जमा करने पर, उसको ूषिमत िकया जा सकेगा।
- (3) इस धारा के ूावधान धारा -20 और 21 के उपबंधों पर ूितक ूल ूभाव डाले िबना लागू होंग।
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