section 15
आयोग के कृत्य
The Jharkhand Cow Welfare Commission Act, 2005General200527 of 27 sections available
Statutory text
आयोग का यह कृत्य होगा कि वह - 1. पशुओं को तत्समय प्रवृत्त किसी विधि के अधीन दिये संरक्षण को सुनिश्चित करें, कि जिसमें कत्ल के लिये ले जाये जाने वाले, कत्ल के लिये या उसकी संभावना में ले जाये जाने या ढोए जाने वाले पशुओं की जब्ती, अभिरक्षा और आरोपियों के विरुद्ध आपराधिक कार्यवाही करना भी समाविष्ट होगा ; 2. (एक)-खण्ड
- (1) मे निर्दिष्ट विधियों के समुचित तथा यथासमय कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने हेतु राज्य सरकार के संबंधित विभागों को अथवा राज्य सरकार के स्वामित्व के या उसके द्वारा नियंत्रित किसी निकाय या प्राधिकारी को, जो ऐसे कार्यान्वयन के लिये जिम्मेदार है उन्हें अधिक प्रभावी बनाने के लिये उपचारात्मक उपाय प्रस्तावित करे; (दो) गो-शाला विकास स्कीमों के अधीन राज्य सरकार या केन्द्र सरकार के कार्यक्रमों का समुचित तथा यथासमय कार्यान्वयन को सुनिश्चित करे; 3. पशुओं की स्वदेशी, विशेषतः झारखण्ड राज्य की नस्ल के विकास के लिये, संस्थाओं की सक्रिय भागीदारी को सुनिश्चित करे; 4. पशुओं के स्वास्थ्य संबंधी देखभाल को प्रोन्नत करे; 5. तत्समय प्रवृत्त किसी अधिनियम के उल्लंघन के लिये अभिग्रहित किये गये पशुओं की देखभाल तथा प्रबंधन को सुनिश्चित करे; 6. किसी संस्था द्वारा भरण पोषण के लिये रखे गये अशक्त तथा बूढ़े पशुओं के समुचित प्रबंधन को सुनिश्चित करे; 7. संस्थाओं का पर्यवेक्षण तथा निरीक्षण करे; 8. चारे की उन्नत किस्म की खेती, चारा बीज उत्पादन कार्यक्रम तथा चारागाह विकास गतिविधियों को प्रोन्नत करे; 9. कृषि विश्व विद्यालय तथा पशु तथा चारा विकास कार्यक्रम पर कार्यवाही करने वाले अन्य अनुसंधान संस्थाओं से समन्वय करे और नई वैज्ञानिक तकनीकी अपनाने में संस्थाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करे; 10. ऐसे उपायों को सुझाए जो आर्थिक रूप से कमजोर संस्थाओं को सशक्त बनाने में सहायक हो सके; 11. संस्थाओं को आर्थिक सहायता प्रदान करे; 12. किसी संस्थान के कार्यकलापों के संबंध में शिकायतों की जाँच करे; 13. ऐसे अन्य कृत्यों का जैसे कि उसे राज्य सरकार द्वारा समनुदेशित किये जाये, पालन करे ।
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