section 6
प्रतिषिद्ध गतिविधियों का प्रकटन
The Uttarakhand Road Infrastructure Protection Act, 2014(1) धारा 3 के अधीन प्रतिषिद्ध किसी गतिविधि की जानकारी होने पर विहित प्राधिकारी दोषी व्यक्ति को प्रतिषिद्ध गतिविधियों रोकने के लिए आदेश जारी करेगा एवं आवश्यकता होने पर सड़क संरचना को यथास्थिति बनाये रखने के आदेश देगा। (2) उपधारा 1 के अधीन विहित प्राधिकारी का आदेश प्रतिषिद्ध गतिविधि को स्पष्ट रूप से वर्णित करते हुए लिखित रूप में होगा और स्कैच के माध्यम से भी प्रतिषिद्ध गतिविधि के प्रकटन की स्थिति नक्शे के सम्बन्धित भाग पर इंगित करेगा तथा ऐसी गतिविधि के विस्तार पर हुई क्षति अथवा होने वाली क्षति से अवगत करायेगा। (3) विहित प्राधिकारी दोषी व्यक्ति को निर्दिष्ट अवधि के भीतर सड़क संरचना को अपने मूल स्थिति में लाने हेतु निर्देशित करेगा व नोटिस जारी करने के तीन दिन के भीतर यथास्थिति बनाये रखने की प्रक्रिया प्रारम्भ करने और पूर्ण करने अनुदत्त समय भी प्रदान करेगा। (4) विहित प्राधिकारी इस धारा के अधीन दिये गये कोई निर्देश अथवा पारित आदेश का अनुपालन में असफल रहने वाले विशेष रूप से दोषी व्यक्ति के मूल्य और उसके जोखिम पर यथास्थिति बनाये रखे जाने के लिए कार्यवाही करेगा, इसके अतिरिक्त मौलिक रूप में लाने हेतु मूल्य को अधिरोपित कर सकेगा। इस प्रकार आय-व्यय की वसूली भू-राजस्व के रूप में की जा सकेगी और विहित प्राधिकारी तदनुसार सरकार को सुनिश्चित करेगा और विहित रीति से किसी प्रतिषिद्ध गतिविधि के फलस्वरूप उपयोग में लायी गई सम्पत्ति को जब्त कर बिक्री करेगा। (5) नोटिस की तामील सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 में दी गई रीति के अनुरूप होगी। (6) इस धारा के अधीन पारित किसी आदेश को किसी आधार पर किसी सिविल न्यायालय में चुनौती नही दी जा सकेगी।
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