section 12
क
The Mahatma Gandhi Institute of Governance and Social Sciences Act, 2023ु ल-सधचि.- (1) क ु ल-सिचव संस् थान का म ु ख म प्रशासिनक अिधकारी होगा। वह प्रत मक्षत: िनदेशक के अ धीक्षण, िनदेशन और िनमंत्रण के अधीन कामव करेगा।
- (2) इस अिधिनमम मा तत समम प्रव ृ तत ककसी भी अन म वविध में अंतवववट ट ककसी बात के होने पर भी, क ु ल-सिचव राज म सरकार द्वारा महाववद्मालम शशक्षा (उच च शशक्षा ववभाग, राजस् थान) के आचामों/सह- आचामों में से मा राजस् थान प्रशासिनक सेवा के अिधकाररमों (स ु पर टाईम वेतनमान से अिनम न) में से प्रितिनम ु जक्त द्वारा मा वविनममों द्वारा मथाववदहत लोक ववज्ञापन के माध मम से, िनम नशलखखत से शमलकर बनी चमन सशमित द्वारा संचाशलत साक्षात कार प्रकिमा द्वारा िनम ु क् त ककमा जामेगा- (क) िनदेशक - पदेन चेमरपसवन; (ख) उच च शशक्षा ववभाग का प्रभारी शासन सिचव; - पदेन सदस् म; और (ग) राज म सरकार द्वारा नामिनददवट ट ककमे जाने वाले उद्मोग मा शशक्षा क्षेत्र से तीन ववशेषज्ञ - सदस् म।
282 राजस् थान राज-पत्र, अगस् त 22, 2023 भाग 4 (क½
स््षटीकरण.- इस उप-धारा के प्रमोजनों के शलए अशभव मजक्त “प्रभारी शासन सिचव” से ककसी ववभाग का प्रभारी शासन सिचव अशभप्रेत है और इसमें कोई अितररक् त म ु ख म सिचव और कोई प्रम ु ख सिचव, जब वह ककसी ववभाग का प्रभारी हो, सजममशलत है।
- (3) क ु ल-सिचव संस् थान का प ू णवकाशलक अिधकारी होगा। क ु ल-सिचव की सेवा के िनबंधन और शतें ऐसी होंगी जो वविनममों द्वारा ववदहत की जामें।
- (4) क ु ल-सिचव-
ु द्रा और ऐसी अन म संपजतत का अशभरक्षक होगा जजसे शासी बोडव उसके भारसाधन में स ु प ु दव करे। वह बोडव का पदेन सदस् म-सिचव होगा। वह बोडव और ववद्मा पररषद् के समक्ष ऐसी समस् त स ू चनाएं रखेगा जो इसके कारबार के संव मवहार के शलए आवश मक हों। वह संस् थान में प्रवेश के शलए आवेदनों को प्राप त करेगा और समस् त पाठ्म वववरण, पाठ्मचमाव और ऐसी अन म स ू चना, जो आवश मक समझी जामें, का स् थामी अशभलेख रखेगा;
(ग) शासी बोडव, ववद्मा पररषद्, ववतत और उपापन सशमित, संकामों और संस् थान के ककसी
प्रािधकारी द्वारा िनम ु क् त ककसी सशमित की समस् त बैठकों के कामवव ृ तत रखेगा;
् रूप से प्रािधक ृ त अिधकारी कामव करने और संस् थान के कामव के शलए इसके िनदेश लेने में समथव हो, तब आपातकाल में तत काल शासी बोडव की बैठक ब ु लामेगा;
(च) अपने कतवव मों और क
ृ त मों के सम ु िचत िनववहन के शलए प्रत मक्षत: िनदेशक के प्रित उततरदामी होगा; और
(छ) ऐसे अन म कतवव मों का पालन करेगा जो शासी बोडव मा िनदेशक द्वारा समम-समम पर उसको
समन ु देशशत ककमे जामें।
- (5) ककसी कारणवश क ु ल-सिचव का पद ररक् त रहने की दशा में, िनदेशक, क ु ल-सिचव की ऐसी शजक्तमों का प्रमोग और ऐसे क ृ त मों और कतवव मों का पालन करने के शलए, जैसा िनदेशक उिचत समझे, संस् थान की सेवा में के ककसी अिधकारी को प्रािधक ृ त कर सकेगा।
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