section 10
संस्था्क नन रदेिक और नन रदेिक.
The Mahatma Gandhi Institute of Governance and Social Sciences Act, 2023- (1) राज म सरकार द्वारा शशक्षाक्षेत्र और उद्मोग की सववश्रेट ठ
प्रितभाओं में से संस् थान का संस् थापक िनदेशक नामिनददवट ट ककमा जामेगा। संस् थान का संस् थापक िनदेशक िनम ु जक्त की ितिथ से तीन वषव की कालाविध के शलए िनम ु क् त ककमा जामेगा।
- (2) संस् थान के िनदेशक का पद, लोक ववज्ञापन द्वारा साक्षात कार की प्रकिमा द्वारा भरा जामेगा। िनम नशलखखत से शमलकर बनी चमन सशमित की शसफाररश पर चेमरपसवन द्वारा िनदेशक िनम ु क् त ककमा जामेगा,- (क) संस् थान का चेमरपसवन - पदेन चेमरपसवन;
भाग 4 (क) राजस् थान राज-पत्र, अगस् त 22, 2023 279
(ख) उच च शशक्षा ववभाग का प्रभारी शासन सिचव - पदेन सदस् म; (ग) संस् थान के चेमरपसवन द्वारा नामिनददवट ट ककमे जाने वाले उद्मोग मा शशक्षा क्षेत्र से तीन ववशेषज्ञ, जो पहले से ही शासी बोडव के भाग हों
-
सदस् म; (घ) उद्मोग और शशक्षा क्षेत्र प्रत मेक में से राज म सरकार द्वारा नामिनददवट ट ककमे जाने वाले दो ववशेषज्ञ
-
सदस् म। स््षटीकरण.- इस उप-धारा के प्रमोजनों के शलए अशभव मजक्त “प्रभारी शासन सिचव” से ववभाग का प्रभारी शासन सिचव अशभप्रेत है और उसमें अितररक् त म ु ख म सिचव और प्रम ु ख सिचव सजममशलत हैं जब वह उस ववभाग का प्रभारी हो।
- (3) (क) िनदेशक के पद पर िनम ु जक्त के शलए केवल ऐसा व मजक्त पात्र होगा जजसके पास पी.एच.डी. मा शशक्षा क्षेत्र और/मा उद्मोग में ववशशट ट कैररमर के साथ समत ु ल म उच च स् तर की शैक्षखणक/उद्मोग की उपलजधध हो, वव.अ.आ. के मागवदशवक शसद्धांतों के अन ु सार संस् था िनमावण का अन ु भव हो और जजसने उच च ग ु णवतता के रेफरीड प्रकाशनों, पेटेंट और पॉशलसी प्रभाव के माध मम से ज्ञान और पद्धित के क्षेत्र में महत वप ू णव मोगदान ददमा हो। (ख) िनदेशक, उस तारीख से, जजसको वह पदभार ग्रहण करता है, पांच वषव की अविध के शलए मा उसके सततर वषव की आम ु प्राप त कर लेने तक, जो भी पहले हो, पद धाररत करेगा: परंत ु वही व मजक्त द ू सरी अविध के शलए प ु निनवम ु जक्त का पात्र होगा।
- (4) िनदेशक, चेमरपसवन को संबोिधत स् वहस् ताक्षररत लेख द्वारा अपने पद का त माग कर सकेगा और चेमरपसवन द्वारा उसकी स् वीक ृ ित होने पर उसका पद धारण करना समाप त हो जामेगा।
- (5) चमन सशमित मथाशक् म, ऐसी तारीख से कम से कम नध बे ददवस प ू वव जजस पर अविध के अवसान के कारण िनदेशक के पद की ररजक्त होने वाली हो मा उप-धारा (4) के अधीन त मागपत्र देने पर और जब कभी भी ऐसा अपेक्षक्षत हो तथा ऐसी तारीख से प ू वव जो चेमरपसवन द्वारा वविनददवट ट की जामे िनदेशक का पद धाररत कर सकने वाले तीन से अनिधक व मजक्तमों के नाम चेमरपसवन को प्रस् त ु त करेगी। नाम प्रस् त ु त करते समम, सशमित इस प्रकार शसफाररश ककमे गमे प्रत मेक व मजक्त की अहवताओं को दशशवत करते ह ु ए एक संक्षक्षप त वववरण भी चेमरपसवन को अग्रेवषत करेगी कक ं त ु उसमें प्राथशमकता का कोई िम इंिगत नहीं करेगी।
- (6) जहां चेमरपसवन, चमन सशमित द्वारा शसफाररश ककमे गमे ककसी एक मा अिधक व मजक्तमों को िनदेशक के रूप में िनम ु जक्त के शलए उपम ु क् त नहीं समझता है मा मदद शसफाररश ककमे गमे एक मा अिधक व मजक्त िनम ु जक्त के शलए उपलध ध नहीं है/हैं और िनदेशक के पद के शलए ववकल प तीन से कम व मजक्तमों तक िनबंिधत है, तो वह सशमित से उप-धारा (3) के उपबंधों के अन ु सार नमे नामों की स ू ची प्रस् त ु त करने की अपेक्षा कर सकेगा।
- (7) सशमित का कोई कामव मा कामववाही मात्र, उसके सदस् मों में भी ककसी ररजक्त मा ररक् ितमों के कारण मा ककसी ऐसे व मजक्त द्वारा कामववाही में भाग शलमे जाने के कारण जो बाद में मह पामा जामे कक वह ऐसा करने का हकदार नहीं था, अवविधमान म नहीं होगी।
- (8) िनम नशलखखत पररजस्थितमों में से ककसी में (जजनके ववद्ममान होने के कारण चेमरपसवन एकमात्र न मामाधीश होगा) चेमरपसवन अशभशलखखत ककमे जाने वाले कारणों से छह मास से अनिधक की अविध के शलए िनदेशक के पद पर ककसी उपम ु क् त व मजक्त को िनम ु क् त कर सकेगा:-
280 राजस् थान राज-पत्र, अगस् त 22, 2023 भाग 4 (क½
(क) जहां िनदेशक के पद की कोई ररजक्त होती है और वह उप-धारा (1) से (6) के उपबंधों के अन ु सार स ु ववधाजनक रूप से और शीघ्रता से नहीं भरी जा सकती है; (ख) ककसी अन म आपातकाल की जस्थित में।
- (9) िनदेशक की अन ु पजस्थित में संस् थान का वररट ठतम आचामव िनदेशक के कतवव मों का िनववहन करेगा।
- (10) इस अिधिनमम के उपबंधों के अध मधीन रहते ह ु ए, िनदेशक की पररलजधधमां और सेवा की अन म शतें ऐसी होंगी जो संस् थान के वविनममों द्वारा अव धाररत की जामें और इस िनशमतत शासी बोडव द्वारा सामान म मा ववशेष आदेश द्वारा अन ु मोददत हों।
- (11) बोडव ऐसे िनदेशक को पद से हटा सकेगा, जो- (क) ददवाशलमा के रूप में न मामिनणीत ककमा गमा हो; मा (ख) बोडव की राम में नैितक अधमता अन तववशलत ककसी अपराध का शसद्धदोष ठहरामा गमा हो; मा (ग) िनदेशक के रूप में कामव करने में शारीररक मा मानशसक रूप से अक्षम हो गमा हो; मा (घ) ऐसा ववत तीम मा अन म दहत अजजवत कर शलमे जाने पर जजससे िनदेशक के रूप में उसके कामव करने पर प्रितक ू ल प्रभाव की सम भाव मता हो; मा (ङ) अपने पद का इस प्रकार द ु रुपमोग ककमे जाने पर मा इस तरह से आचरण ककमे जाने पर जजससे उसका पद पर िनरंतर बने रहना, लोक दहत पर प्रितक ू ल प्रभाव डालने वाला हो: परन त ु िनदेशक को पद से नहीं हटामा जामेगा शसवाम बोडव के द्वारा संजस्थत जांच के बाद एक आदेश द्वारा, जजसमें िनदेशक को उसके ववरुद्ध आरोपों के बारे में बतामा गमा हो और उसे उन आरोपों के संबंध में स ु ने जाने का म ु जक्तम ु क् त अवसर ददमा गमा हो।
Study data processing for this section.
PDF: pending for this language.