section 4
Temporary release of convicted prisoner on furlough on certain conditions
The Haryana Good Conduct Prisoner (Temporary Release) Act, 2022, Hindi VersionCriminal202214 sections
Statutory text
4. (1) सक्षम प्राधिकारी, धारा 11 तथा 12 के अधीन यथा विनिर्दिष्ट ऐसी शर्तों तथा प्रक्रिया के अध्यधीन किसी सिद्धदोष बंदी को फरलो प्रदान करेगा।
- (2) ऐसी अवधि, जिसके लिए इस धारा के अधीन किसी सिद्धदोष बंदी को रिहा किया जा सकता है, तीन सप्ताह होगी और सिद्धदोष बंदी इसे एक भाग में प्राप्त कर सकता है: परन्तु किसी सिद्धदोष महिला बंदी के प्रसव के मामले में, इस धारा के अधीन रिहाई की अवधि छह मास की होगी, जो जेल के चिकित्सा अधिकारी द्वारा यथा प्रमाणित प्रसव की संभावित तिथि से एक मास पूर्व शुरू होगी।
- (3) सिद्धदोष बंदी, जिसने दोषसिद्धि के बाद एक वर्ष का दण्डादेश पूरा नहीं किया है, फरलो के लिए पात्र नहीं होगा: परन्तु पुरुष के मामले में सत्तर वर्ष या उससे अधिक आयु के सिद्धदोष वृद्ध बंदी पर निबंधन अधिरोपित नहीं होगा। उपायुक्त या पुलिस अधीक्षक, जैसी भी स्थिति हो, की रिपोर्ट और जिला मजिस्ट्रेट की सिफारिश पर किसी सिद्धदोष बंदी की नियमित पैरोल पर अस्थाई रिहाई यथा विनिर्दिष्ट समय सीमा के भीतर प्रस्तुत की जाएगी। इस धारा के अधीन रिहाई की अवधि की गणना किसी बंदी की वास्तविक सजा के लिए नहीं की जाएगी। कोई भी सामान्य माफी इस अवधि के लिए प्रदान नहीं की जाएगी। सक्षम प्राधिकारी, धारा 11 तथा 12 के अधीन यथा विनिर्दिष्ट सिद्धदोष बंदी को फरलो प्रदान करेगा। ऐसी अवधि, जिसके लिए इस धारा के अधीन किसी सिद्धदोष बंदी को रिहा किया जा सकता है, तीन सप्ताह होगी तथा इस अवधि को भागों में प्राप्त नहीं किया जाएगा: परन्तु सिद्धदोष बंदी, जिसने दण्डादेश की अवधि चौथाई और आजीवन कारावास के मामले में दस वर्ष की सजा पूरी कर ली है, फरलो के लिए पात्र होगा और रिहाई की अवधि चार सप्ताह होगी और इस अवधि को भागों में प्राप्त किया जा सकेगा: परन्तु सिद्धदोष बंदी, जिसने दोषसिद्धि के बाद तीन वर्ष की सजा पूरी नहीं की है, फरलो के लिए पात्र नहीं होगा: परन्तु सिद्धदोष बंदी, जिसे किसी जेल अपराध के लिए या पिछले तीन वर्ष के दौरान अस्थाई रिहाई की शर्तों की उल्लंघना के लिए दण्डित किया गया है, फरलो के लिए पात्र नहीं होगा: परन्तु यह और कि स्वापक औषधि और मनःप्रभावी पदार्थ अधिनियम, 1985 (1985 का केन्द्रीय अधिनियम 61) के अधीन या राजद्रोह या हत्या के साथ बलात्कार या हत्या के साथ लूट या डकैती या फिरौती वसूलने या जबरदस्ती वसूली के आशय के साथ हत्या या बारह वर्ष से कम आयु के बालक के साथ लैंगिक अपराध के लिए दण्डादिष्ट या प्राकृतिक जीवन तक कारावास के लिए दण्डादिष्ट सिद्धदोष बंदी फरलो के लिए पात्र नहीं होंगे।
- (4) पुलिस उपायुक्त या पुलिस अधीक्षक, जैसी भी स्थिति हो, की रिपोर्ट और जिला मजिस्ट्रेट की सिफारिश, सक्षम प्राधिकारी को किसी सिद्धदोष बंदी की फरलो पर अस्थाई रिहाई के लिए इस अधिनियम के अधीन यथा विनिर्दिष्ट समय सीमा के भीतर प्रस्तुत की जाएगी।
- (5) धारा 9 की उपधारा (3) के खण्ड (घ) के उपबंधों के अध्यधीन रहते हुए, इस धारा के अधीन रिहाई की अवधि की गणना किसी बंदी द्वारा भोगी जा रही वास्तविक सजा के लिए की जाएगी।
Study data processing for this section.
PDF: pending for this language.