section 3
Temporary release of convicted prisoner on regular parole on certain conditions
The Haryana Good Conduct Prisoner (Temporary Release) Act, 2022, Hindi VersionCriminal202214 sections
Statutory text
3. (1) सक्षम प्राधिकारी, धारा 11 तथा 12 के अधीन यथा विनिर्दिष्ट ऐसी शर्तों तथा प्रक्रिया के अध्यधीन किसी सिद्धदोष बंदी को नियमित पैरोल प्रदान करेगा।
- (2) ऐसी अवधि, जिसके लिए इस धारा के अधीन किसी सिद्धदोष बंदी को रिहा किया जा सकता है, कैलेंडर वर्ष में कुल मिलाकर दस सप्ताह होगी और सिद्धदोष बंदी इसे दो भागों में प्राप्त कर सकता है: परन्तु किसी सिद्धदोष महिला बंदी के प्रसव के मामले में, इस धारा के अधीन रिहाई की अवधि छह मास की होगी, जो जेल के चिकित्सा अधिकारी द्वारा यथा प्रमाणित प्रसव की सम्भावित तिथि से एक मास पूर्व शुरू होगी।
- (3) सिद्धदोष बंदी, जिसने दोषसिद्धि के बाद एक वर्ष का दण्डादेश पूरा नहीं किया है, नियमित पैरोल का पात्र नहीं होगा: परन्तु पुरूष के मामले में सत्तर वर्ष या उससे अधिक आयु के सिद्धदोष वृद्ध बंदी पर निबंधन अधिरोपित नहीं होगा तथा महिला के मामले में पैंसठ वर्ष या उससे अधिक आयु के सिद्धदोष वृद्ध बंदी पर निबंधन अधिरोपित नहीं होगा।
- (4) पुलिस उपायुक्त या पुलिस अधीक्षक, जैसी भी स्थिति हो, की रिपोर्ट और जिला मजिस्ट्रेट की सिफारिश, सक्षम प्राधिकारी को किसी सिद्धदोष बंदी की नियमित पैरोल पर अस्थाई रिहाई के लिए इस अधिनियम के अधीन यथा विनिर्दिष्ट समय सीमा के भीतर प्रस्तुत की जाएंगी।
- (5) धारा 9 की उपधारा (3) के खण्ड (घ) के उपबंधों के अध्यधीन रहते हुए, इस धारा के अधीन रिहाई की अवधि की गणना किसी बंदी द्वारा भोगी जा रही वास्तविक सजा के लिए की जाएगी।
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