section 30
शपथ पर साक्ष्य लेने की शक्ति.
The Madhya Pradesh Nagariya Sthawar Sampati Kar Adhiniyam, 1964३०. संपत्ति कर आयुक्त या उसकी सहायता के लिये धारा ३ के अधीन नियुक्त किये गये किसी व्यक्ति को, इस अधिनियम के प्रयोजनों के लिये, निम्नलिखित बातों के संबंध में वही शक्तियां प्राप्त होंगी, जो सिविल प्रक्रिया संहिता, सन् १९०८ के अधीन किसी वाद का परीक्षण करते समय किसी न्यायालय में निहित हैं, अर्थात् :--
(क) किसी व्यक्ति को हाजिर होने के लिये विवश करना और शपथ या प्रतिज्ञान पर उसका परीक्षण करना; (ख) किसी दस्तावेज को पेश करने के लिये विवश करना; (ग) किसी साक्षी के परीक्षण के लिये कमीशन जारी करना; और (घ) ऐसे अन्तरिम आदेश पारित करना जो न्याय के उद्देश्य की पूर्ति करने के लिये आवश्यक हों;
और संपत्ति कर आयुक्त या उसकी सहायता के लिये धारा ३ के अधीन नियुक्त किये व्यक्ति के समक्ष कोई भी कार्यवाही भारतीय दण्ड संहिता, १८६० (क्रमांक ४५, सन् १८६०), की धारा १९३ तथा २२८ के तात्पर्य के अन्तर्गत तथा उक्त संहिता की धारा १९६ के प्रयोजनों के लिये भी "न्यायिक कार्यवाही" समझी जायगी.
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