section 4
सीधी भर्ती के लिए आरक्षण
The Jharkhand Reservation in Vacancies of Posts and Services (Scheduled Caste/Scheduled Tribe and Backward Classes) Act, 2001General200118 sections
Statutory text
- (1) किसी स्थापना में सेवाओं और पदों की सभी नियुक्तियाँ, जो सीधी भर्ती के द्वारा भरी जानी हो, निम्नांकित रूप में विनियमित की जाएगी, यथा :- (क) खुला गुणागुण कोटि से ... 27 प्रतिशत (ख) आरक्षित कोटि से ... 73 प्रतिशत
- (2) आरक्षित कोटि का 73 प्रतिशत रिक्तियों में से आरक्षित उम्मीदवारों को विभिन्न कोटियों की रिक्तियां इस अधिनियम के अन्य उपबंधों के अधीन निम्नललिखित रूप में होंगी :-
- (i) अनुसूचित जाति ... 14 प्रतिशत
- (ii) अनुसूचित जनजाति ... 32 प्रतिशत
- (iii) अत्यन्त पिछड़ा वर्ग ... 18 प्रतिशत
- (vi) पिछड़ा वर्ग ... 9 प्रतिशत कुल ... 73 प्रतिशत
- (2) (क) उप-धारा
- (2) के अधीन निर्धारित आरक्षण प्रतिशत में प्रत्येक कोटि के लिए निम्न प्रकार से क्षैतिज आरक्षण विनियमित होगा :--
- (i) शारीरिक रूप से विकलांग व्यक्तियों के लिए :-- (क) अंधापन अथवा कम दृष्टि ... 1 प्रतिशत (ख) बहरापन ... 1 प्रतिशत (ग) लोकामोटिव विकलांग अथवा सेरिब्रल पाल्सी ... 1 प्रतिशत कुल ... 3 प्रतिशत
- (ii) महिलाओं के लिए... 5 प्रतिशत परन्तु, यह कि राज्य सरकार झारखण्ड गजट में अधिसूचना जारी कर जिलों में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़े वर्गों के जनसंख्या के प्रतिशत के अनुसार विभिन्न जिलों के लिए विभिन्न प्रतिशत नियत कर सकेगी; परन्तु, यह और कि प्रोन्नति के मामले में केवल अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के लिए इस धारा के अधीन यथा उपबंधित अनुपात में आरक्षण किया जाएगा।
- (3) आरक्षित कोटि के उम्मीदवार जो अपने गुणागुण के आधार पर चुने जाते हैं, का गणना खुली गुणागुण की कोटि की 27 प्रतिशत रिक्तियों के विरुद्ध का जाएगा न कि आरक्षित कोटि रिक्तियों के विरुद्ध।
- (4) इस अधिनियम के प्रावधानों के प्रतिकूल या तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य विधि और नियमावली या न्यायालय के किसी निर्णय या डिक्री के होते हुए भी उपधारा
- (3) का उपबंध ऐसे मामलों में लागू होगा जिसमें चयन की सभी औपचारिकताएं पूर्ण कर ली गई किन्तु नियुक्ति-पत्र निर्गत नहीं किए गए हैं।
- (5) इस अधिनियम में अन्यथा उपबंधित के सिवाय, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षित रिक्तियां ऐसे उम्मीदवारों से नहीं भरी जायेंगी, जो अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़े वर्ग के न हों।
- (6) (क) अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षित रिक्तियों में नियुक्ति तथा प्रोन्नति के लिए उम्मीदवारों की अनुपलब्धता की स्थिति में उन भर्ती वर्षों तक के लिए उन रिक्तियों को आरक्षित बनाए रखा जाएगा और यदि तीसरे वर्ष में भी सुयोग्य उम्मीदवार नहीं उपलब्ध हों, तो अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के बीच रिक्तियों का विनिमय किया जाएगा तथा पूरत रिक्तियां उस विशेष समुदाय के उम्मीदवार जो वस्तुतः नियुक्त किए जाते हैं, के लिए आरक्षित समझा जाएंगी। (ख) अत्यन्त पिछड़ा वर्ग एवं पिछड़ा वर्ग के सुयोग्य उम्मीदवारों की अनुपलब्धता की स्थिति में वैसी आरक्षित रिक्तियां तीन भर्ती वर्षों के लिए आरक्षित बनी रहेगी और यदि तीसरे वर्ष में भी सुयोग्य उम्मीदवार उपलब्ध नहीं है तो रिक्तियां अत्यन्त पिछड़ा वर्ग के उम्मीदवारों से विनिमय द्वारा भरा जायेगा और विनिमय द्वारा तथा पूरत रिक्तियां उस विशेष समुदाय के योग्य उम्मीदवारों, जो वस्तुतः नियुक्त किए जाते हैं, के लिए आरक्षित समझा जाएगा। (ग) यदि किसी भर्ती वर्ष में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति अत्यन्त पिछड़ा वर्ग और पिछड़ा वर्ग के उम्मीदवारों की संख्या, विनिमय फार्मूला के बाद भी, उनके लिए आरक्षित रिक्तियों की संख्या से कम है तो शेष पूर्वगत (बैक लॉग) रिक्तियां, सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों से, उन्हें अनारक्षित करके भरा जा सकेंगी, किन्तु वैसी अनारक्षित रिक्तियां तीन भर्ती वर्षों तक अग्रणित रहेंगी। (घ) यदि आरक्षित रिक्तियों को भरने के लिए अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और अत्यन्त पिछड़े वर्गों के उम्मीदवारों, अपेक्षित संख्या में, उपलब्ध न हो, तो केवल पिछली रिक्तियों को भरने के लिए, यथास्थिति, केवल अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और अत्यन्त पिछड़े एवं पिछड़े वर्गों के उम्मीदवारों के लिए ही नया विज्ञापन किया सकेगा। (ङ) इस अधिनियम के प्रावधानों के प्रतिकूल या तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य विधि और नियमावली या न्यायालय के किसी निर्णय या डिक्री के होते हुए भी धारा-4 का उपबन्ध ऐसे सभी मामलों में लागू होगा जिनमें चयन की सभी औपचारिकताएं पूरा कर लिया गया है, किन्तु नियुक्ति पत्र निर्गत नहीं किए गए है।
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