section 17
विधान-सभा के सदस्यों का पेंशन
The Jharkhand State Assembly (Pay, Allowances and Pension) Act, 2001Finance200118 sections
Statutory text
- (i) वैसे प्रत्येक व्यक्ति को जिसने यथास्थिति - (क) झारखण्ड विधान-सभा के सदस्य के रूप में, या (ख) वैसा कोई व्यक्ति जो झारखण्ड विधान-मण्डल के सदस्य के रूप में निर्वाचित/मनोनीत हुआ हो, शपथ ग्रहण करने के बाद तीन हजार रुपये प्रतिमाह आजीवन पेंशन पाने का हकदार होगा और वह प्रत्येक वर्ष के पूरा होने पर तीन सौ रुपये अतिरिक्त पेंशन पावेगा, परन्तु, यह भी, कि विधान-मण्डल के किसी सदस्य की सदस्यता की अवधि उसके यथास्थिति निर्वाचित या मनोनीत घोषित होने से लेकर विधान-मण्डल के भंग होने तक, परन्तु, राष्ट्रपति द्वारा भंग किये जाने या मध्यावधि चुनाव होने, या सदस्यता से त्यागपत्र देने, या सदस्य की मृत्यु होने की छोड़कर, की अवधि यदि चार वर्ष छह माह हो तो वह अवधि पेंशन देने के प्रयोजनार्थ पांच वर्षों की पूरी अवधि के रूप में मानी जायेगी, परन्तु यह और भी, कि प्रत्येक ऐसे व्यक्ति को, जिसने विधान-मण्डल के सदस्य के रूप में (चाहे निरन्तर हो या नहीं) पांच वर्ष की अवधि से कम अवधि के लिए कार्य किया हो, अपने जीवन पर्यन्त एक वर्ष की अवधि के लिए तीन सौ रुपये प्रतिमाह तथा बाद के प्रत्येक वर्ष के लिए पचास रुपये अतिरिक्त राशि प्रतिमाह की दर से पेंशन पाने का हकदार होगा।
- (ii) जहां कोई व्यक्ति उपधारा
- (i) के अधीन पेंशन पाने का हकदार हो, वह व्यक्ति- (क) यदि राष्ट्रपति या उप-राष्ट्रपति के पद पर निर्वाचित किया जाता हो, अथवा किसी राज्य का राज्यपाल या संघ राज्य क्षेत्र का प्रशासक नियुक्त किया जाता हो, या (ख) संसद के किसी सदन का सदस्य बन जाता हो, अथवा किसी राज्य या संघ राज्य क्षेत्र की विधान-सभा या किसी राज्य की विधान परिषद् का सदस्य बन जाता हो, या (ग) केन्द्र सरकार या किसी राज्य सरकार अथवा केन्द्र सरकार या किसी राज्य सरकार के किसी स्थानीय प्राधिकार के स्वामित्व वाले या नियंत्रणाधीन निगम के अधीन सचेतन नियोजित हो अथवा ऐसी सरकार, निगम या स्थानीय प्राधिकार से कोई पारिश्रमिक पाने का अन्य हकदार हो, तो ऐसा व्यक्ति उपधारा
- (i) के अधीन उस अवधि के दौरान, जिसके वह ऐसा पद धारण किये रहता हो, या ऐसा सदस्य बना रहता हो, या इस प्रकार नियोजित रहता हो, या ऐसे पारिश्रमिक पाने का हकदार बना रहता है, ऐसी पेंशन पाने का हकदार नहीं होगा। परन्तु, जहां ऐसे व्यक्ति को ऐसा पद धारण करने के लिए या ऐसा सदस्य होने के लिए या इस प्रकार नियोजित रहने के लिए वेतन अनुज्ञेय हो, या जहां ऐसे व्यक्ति को खंड
- (iii) में निर्दिष्ट पारिश्रमिक अनुज्ञेय हो, के लिए दोनों मामले में वह व्यक्ति उपधारा
- (i) के अधीन उसे देय पेंशन में से घटाकर उस उपधारा के अधीन पेंशन के रूप में विशेषेण पाने का हकदार होगा।
- (iii) (क) जहां ऐसी विधि के अधीन, या अन्यथा पेंशन की ऐसी रकम जिसे वह पाने का हकदार हो, वहां उपधारा
- (i) के अधीन उस रकम के बराबर या उससे अधिक हो, किसको पाने का वह हकदार हो, तो ऐसा व्यक्ति उपधारा
- (i) के अधीन कोई पेंशन पाने का हकदार नहीं होगा, और (ख) जहां पेंशन की ऐसी रकम जिसे वह ऐसी विधि के अधीन, या अन्यथा पाने का हकदार हो, उस रकम से कम हो जिसे वह उपधारा
- (i) के अधीन पाने का हकदार हो तो ऐसा व्यक्ति उस उपधारा
- (i) के अधीन पेंशन की केवल ऐसी रकम पाने का हकदार होगा जो पेंशन की उस रकम से कम हो, जिसे वह उस उपधारा के अधीन अन्यथा पाने का हकदार हो; परन्तु इसे अधिनियम के अधीन वर्तमान या भविष्य में राजनीतिक उपहत (पोलिटिकल सफरर) पेंशन प्राप्त करने के कारण पूर्व विधायकों को अनुमन्य पेंशन से कोई कटौती नहीं की जायेगी।
- (iv) उपधारा
- (i) के प्रयोजनार्थ वर्षों की गणना करते समय झारखण्ड मंत्री का वेतन एवं भत्ता अधिनियम, 2001 में यथा परिभाषित मंत्री के रूप में या झारखण्ड विधान-मण्डल (पदाधिकारियों का वेतन एवं भत्ता) अधिनियम, 2001 में यथा उल्लिखित किसी पदाधिकारी और झारखण्ड विधान-मण्डल (विपक्ष के नेता का वेतन एवं भत्ता) अधिनियम, 2001 में यथा परिभाषित विपक्ष के नेता और वर्तमान सरकार के अन्तर्गत संसदीय सचिव के रूप में जिस अवधि में किसी व्यक्ति ने सेवा की हो, उस अवधि की भी गणना की जायेगी।
- (v) वैसे प्रत्येक व्यक्ति को उपधारा
- (i) के अधीन, पेंशन पाने का हकदार हो, की मृत्यु के पश्चात् उसकी पत्नी/पति को आजीवन पारिवारिक पेंशन नीचे अंकित दर पर दिया जायेगा :- पेंशन की राशि का पचहत्तर प्रतिशत पारिवारिक पेंशन देय होगा, परन्तु यह भी, कि उपधारा
- (ii) एवं
- (iii) के उपबंध व शर्तें मृत व्यक्ति की पत्नी/पति पर भी लागू होंगे, परन्तु, यह भी कि यदि पारिवारिक पेंशन पाने वाला व्यक्ति अगर शादी कर ले, तो ऐसी दशा में पारिवारिक पेंशन पाने का हकदार नहीं होगा।
- (vi) वैसे प्रत्येक व्यक्ति को जो उपधारा
- (i) के अधीन पेंशन पाने का हकदार हो, राज्य के भीतर प्रति वर्ष 20,000 (बीस हजार) किलोमीटर प्रथम श्रेणी में रेलवे कूपन पर यात्रा कर सकेगा और राज्य के बाहर प्रति वर्ष 15,000 (पन्द्रह हजार) किलोमीटर रेल द्वारा प्रथम श्रेणी की यात्रा कूपन पर कर सकेगा।
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